Deputy collector Nisha bangre: इस्तीफा स्वीकार, आमला सीट से कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित, अब कैसे लड़ेंगी चुनाव
Deputy Collector Nisha Bangre: एमपी चुनाव में लड़ने वाले दावेदारों में सबसे दिलचस्प किस्सा सरकारी नौकरी को अलविदा कह चुकी निशा बांगरे का हैं। लंबी जद्दोजहद और कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद शासन ने उनका इस्तीफ़ा मंजूर किया। चुनाव के लिए कांग्रेस से वह प्रत्याशी मानी जा रही थी।
लेकिन एमपी के बैतूल आमला सीट से कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी उसी वक्त घोषित किया, जब शासन द्वारा इस्तीफ़ा मंजूरी का आदेश बाहर आया। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और कांग्रेस के दिग्गज नेता विवेक तन्खा ने ट्वीट कर इस्तीफ़ा मंजूरी की पुष्टि की।

कांग्रेस ने नामांकन की अंतिम तारीख और निशा बांगरे के इस्तीफे के क़ानूनी पेंच के मद्देनजर आमला सीट से मनोज मालवे को कैंडिडेट घोषित किया हैं। अब निशा के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया हैं। लेकिन बड़ी उलझन चुनाव लड़ने की हैं। क्योकि कांग्रेस ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
अब निशा के चुनाव लड़ने का सिर्फ एक रास्ता है कि आमला बेतूल सीट से घोषित प्रत्याशी मनोज मालवे को बदल दें। अभी तक कांग्रेस ने टिकट नहीं बदला हैं। लेकिन सियासी हलको में चर्चा है कि कांग्रेस मनोज की जगह निशा को ही चुनाव लड़वायेगी।
बालाघाट की रहने वाली है निशा
निशा बांगरे का जन्म मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में हुआ था। अपने शुरुआती शिक्षा पूरी करने के लिए निशा ने 2010 से 2014 के बीच इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद वो गुरुग्राम के एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने लगी। इसी बीच इनका झुकाव सिविल सर्विस की ओर बढ़ने लगा, जिसकी वजह से उन्होंने ज्यादा समय तक नौकरी नहीं की। सिविल परीक्षा पास करने के बाद निशा ने साल 2016 में एमपी में डीएसपी का पदभार ग्रहण किया। इसके बाद साल 2017 में उनका एमपी में डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन हो गया। इसके बाद इनकी पहली पोस्टिंग बैतूल के आमला क्षेत्र में हुई। इस्तीफा देने से पहले निशा बांगरे छतरपुर जिले के लवकुश नगर में एसडीएम थीं।
सरकार और निशा के बीच ऐसे ठनी
निशा की सरकार के साथ विवाद की शुरुआत छुट्टी माग की माँग के साथ शुरू हुई। दरअसल, निशा बांगरे ने बैतूल जिले के आमला में 25 जून को आयोजित किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय सर्व धर्म शांति सम्मेलन में शामिल होने के लिए छुट्टी के लिए आवेदन किया था साथ ही उन्होंने अपने नए घर के गृह प्रवेश पूजा के लिए छुट्टी मांगी थी। लेकिन छुट्टी की मंजूरी को लेकर काफी विवाद हुआ था, जो समय के साथ और गहराता चला गया।












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