नर्मदापुरम सीट से भाजपा प्रत्याशी दर्शन सिंह चौधरी की नामांकन रैली में उमड़ा जनसैलाब, मोहन यादव भी हुए शामिल

तीसरी बार फिर मोदी जी की सरकार बनेगी, यह सिर्फ हम नहीं कह रहे कांग्रेसी भी कह रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकसभा के अंदर नारा लगाते हैं कि "अबकी बार भाजपा सरकार"। ये चुनाव ना आपका है, ना उनका है। ये चुनाव है कमल के फूल का है। हमारा एकमात्र चुनाव चिन्ह है कमल का फूल। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को बैतूल, नर्मदापुरम और दमोह में भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए कहीं।

मोदी जी ने कहा था न खाऊंगा, न खाने दूंगा

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनते ही 2014 में लोकतंत्र के पावन मंदिर पर मस्तक टिकाकर प्रणाम करके कहा था, "न खाऊंगा, न खाने दूंगा।" विपक्षी कह रहे हैं हम मोदी से चुनाव लड़ रहे हैं।

Crowd gathered at nomination rally of BJP candidate Darshan Singh Chaudhary from Narmadapuram seat

उन्होंने कहा कि लड़ने के लिए कोई एक तो प्रमाण लाओ। भाजपा और मोदी जी की लड़ाई नैतिकता की लड़ाई है, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है। मोदी जी ने पहले दिन ही कहा था, मेरे शासनकाल में कोई बेईमान सड़क पर दिखाई नहीं देगा। दुनिया के लगभग सभी देशों के बड़े-बड़े नेता मोदी जी के साथ खड़े होने में गौरव महसूस करते हैं।

घमंडिया गठबंधन,अपने परिवार वालों के लिए लड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अंदर विरोधी दलों के बीच में क्या मिला हुआ है..देखो तो सही एक से बढ़कर एक मिलते हैं घमंडिया गठबंधन बनाते हैं। वो कहने के लिए लोकतंत्र की बात करते हैं,लेकिन चुनाव लोकतंत्र के लिए नहीं लड़ रहे हैं। चुनाव अपने घर वालों, परिवार वालों के लिए लड़ रहे हैं। ऐसे बेईमान लोग पद से ऐसे चिपके की सबका अपमान करते हुए कुर्सी को जेल से भी छोड़ने को तैयार नहीं है। 'चोर चोर मौसेरे भाई', जो जेल में है वो भी और जो जमानत पर है ,वो भी कल तक आपस में गाली देते थे, लेकिन बाद में मंच सांझा करके जनता को मूर्ख बना रहे हैं।

दुनिया में उनसे बड़ा कोई ईमानदार था ही नहीं

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमलावर होते हुए कहा कि अपने कुकर्मों के कारण सरकार पर संकट आता है तो मंत्री, मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ जाए तो अविश्वास ऐसा की घरवाली को मुख्यमंत्री बनाते हैं। ऐसे अनोखे लोग हैं। कितनी नैतिकता की बात करते थे दिल्ली वाले, दुनिया में उनसे बड़ा ईमानदार कोई था ही नहीं। शराबबंदी की बात करते थे, "शराबबंदी करायेंगे, लोकपाल लायेंगे।" लोकपाल को लाने का मतलब भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई लड़ना लेकिन जिस दिन से लड़ाई प्रारंभ की उस दिन से एक के बाद एक सारे झूठ बोलते गए। मैं सुरक्षा नहीं लूंगा, मैं बड़े मकान में नहीं रहूंगा, और अपना चुनाव चिन्ह क्या बनाया...? वह झाड़ू भी झाडू रह गई और घर में एक पार्टी पर झाड़ू लगाकर ऐसे बैठे की इतने सारे वोटर का अपमान करते मैं जिंदगी में पहली बार देख रहा हूं।

कांग्रेस ने हिन्दु मुसलमानों को लड़ाया, मंदिर में रोड़ा अटकाया

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि कांग्रेस के लोंगो ने हिंदू-मुस्लिम को लड़ाने के लिए भगवान राम का मन्दिर नहीं बनने दिया। नित नए वकील खड़े करते रहे। कांग्रेस को आजादी के बाद यह कलंक मिटाना चाहिए था लेकिन 70 साल तक वह लगातार अडंगे लगाते रहे। दुनिया में उदाहरण दिया कि हमारे यहां मुसलमानों की आबादी सबसे ज्यादा भले ही हो लेकिन क्या हिंदू, क्या मुस्लिम आयोध्या में भगवान रामलला के लोकार्पण और शिलान्यास के समय कोई मतभेद नहीं हुआ। वह अरब जहां हमारे धर्म को अलग तरीके से देखा जाता था लेकिन वहां भी भगवान राम के जय जयकार के नारे लगे और भगवान राम के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ।

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