देश का पहला गौ-अभयारण्य बुधवार से खुलेगा, गोबर और गौ-मूत्र से तैयार होगी दवाईयां
मालवा। मध्य प्रदेश के मालावा में देश का पहला गौ-अभयारण्य कामधेनु सेंचुरी बनकर तैयार हो गई है। ये अभयारण्य सुसनेर से करीब 20 किमी दूर सालरिया में बनाया गया है। इस अभयारण्य में गौमूत्र और गोबर पर रिसर्च की जाएगी। यहीं नहीं यहां गायों पर रिसर्च कर हाइब्रिड से नई नस्ल पैदा की जाएंगी। लगभग 32 करोड़ की लागत से तैयार हुए अभयारण्य का विधिवत उद्घाटन बुधवार को होगा।

472 हेक्टेयर जमीन पर बनाया गए इस अभयारण्य में एक वैज्ञानिक और दो उनके सहायक नियुक्त किए जाएंगे, जो गौमूत्र और गोबर पर रिसर्च करेंगे। इस अभयारण्य में गौमूत्र के आलावा गोबर से भी दवाईयां तैयार की जाएंगी। जिनको देश भर में सप्लाई किया जाएगा। इन उत्पादों की सप्लाई और मार्केटिंग का काम सरकार संभालेगी। आपको बता दें कि 6000 की क्षमता वाले अभयारण्य में 6500 गायें पहुंच चुकी हैं।
गौ-अभयारण्य के परिसर में पशु औषधालय भी बनाया गया है। सौ एकड़ भूमि चारा उगाने के लिये आरक्षित की गई है। कामधेनु अभयारण्य भोपाल से लगभग 200 और उज्जैन से लगभग 114 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अभयारण्य के उत्तर में राजस्थान का झालावाड़ जिला, उत्तर-पूर्व में राजगढ़, पूर्व में सीहोर, दक्षिण में देवास और पश्चिम में उज्जैन, रतलाम एवं मंदसौर जिले रहेंगे।












Click it and Unblock the Notifications