MP News: सौरभ शर्मा की 50 से ज्यादा संपत्तियों का खुलासा, लोकायुक्त ने 30 से अधिक लोगों को भेजा नोटिस
MP News: मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा चल रही जांच ने एक नया मोड़ लिया है। सौरभ शर्मा की 50 से अधिक संपत्तियों का खुलासा हुआ है, जो उन्होंने सरकारी सेवा के दौरान अवैध तरीके से अर्जित की थीं।
इस मामले में अब लोकायुक्त ने 30 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा है और उनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थित सौरभ शर्मा की संपत्तियों की जांच की। जांच के दौरान यह पता चला कि सौरभ शर्मा ने अपनी अधिकांश संपत्तियों को अपने करीबी रिश्तेदारों और जानने वालों के नाम पर रजिस्टर करा रखा था। लोकायुक्त के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के लेन-देन के जरिए उन्होंने अपने अवैध संपत्ति अर्जन को छिपाने का प्रयास किया।
30 से अधिक लोगों को भेजा नोटिस
लोकायुक्त ने इस मामले में 30 से अधिक लोगों को नोटिस भेजे हैं। इन लोगों से यह पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने सौरभ शर्मा के लिए संपत्ति के दस्तावेजों में किस प्रकार की मदद की और क्या वे जानबूझकर इस अवैध लेन-देन में शामिल थे। ये नोटिस भेजकर लोकायुक्त ने आरोपियों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया है।
संपत्तियों का खुलासा और दस्तावेजों की जांच
जांच के दौरान यह सामने आया कि सौरभ शर्मा ने जो संपत्तियां खरीदी थीं, उनके दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां थीं। जांचकर्ताओं का कहना है कि सौरभ शर्मा ने इन संपत्तियों को अपनी सैलरी और सरकारी नौकरी के जरिए अर्जित किए गए पैसे से नहीं, बल्कि अपने पद का गलत इस्तेमाल करके खरीदीं। इसके अलावा, उन्होंने अपनी संपत्तियों को अपने करीबियों के नाम पर रजिस्टर करवा दिया ताकि उनके खिलाफ जांच होने पर कोई ठोस प्रमाण न मिले।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में स्थित इन संपत्तियों की जांच के बाद लोकायुक्त ने पुष्टि की है कि ये संपत्तियां सरकारी नौकरी के दौरान अवैध तरीके से अर्जित की गई हैं। लोकायुक्त के अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस मामले में कई और लोगों की भूमिका हो सकती है, जिन्हें भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजे जा सकते हैं।
4 फरवरी को सौरभ शर्मा की रिमांड खत्म
सौरभ शर्मा की रिमांड 4 फरवरी को समाप्त हो रही है, और इसके बाद उनकी आगे की जांच और पूछताछ की प्रक्रिया जारी रहेगी। रिमांड के दौरान लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा से इस मामले के संबंध में कई अहम सवाल किए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सौरभ शर्मा ने किस प्रकार अपनी सरकारी नौकरी का दुरुपयोग किया और उनके द्वारा अर्जित की गई संपत्तियों का नेटवर्क किस तरह काम करता था।
सौरभ शर्मा के खिलाफ यह जांच उनकी अवैध संपत्तियों के मामले में गहरी होती जा रही है। लोकायुक्त के अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












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