MP शिवपुरी में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा, विधायक कैलाश कुशवाहा ने नगर पालिका पर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग
MP Congress News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पोहरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा ने शिवपुरी नगर पालिका पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र लिखकर नगर परिषद पोहरी में व्याप्त भ्रष्टाचार की भौतिक जांच के लिए जांच दल गठित करने की मांग की है।
विधायक का कहना है कि शिवपुरी नगर पालिका में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का लंबा इतिहास रहा है, और अब पोहरी नगर परिषद में भी ऐसी ही गड़बड़ियों की आशंका है। यह मामला न सिर्फ स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि आम जनता के हितों और सरकारी धन के दुरुपयोग को भी उजागर करता है। आइए, वन इंडिया हिंदी की इस विशेष रिपोर्ट में आपको इस मामले को सरल और आम भाषा में समझाते हैं।

क्या है पूरा मामला?
पोहरी विधानसभा के कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा ने शिवपुरी नगर पालिका और पोहरी नगर परिषद में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वन इंडिया हिंदी से बातचीत में बताया कि शिवपुरी नगर पालिका में पहले हुई एक जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई थीं। कलेक्टर शिवपुरी ने एसडीएम शिवपुरी से इसकी जांच कराई थी, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए।
गायब फाइलें: जांच में पता चला कि नगर पालिका कार्यालय से सैकड़ों महत्वपूर्ण फाइलें गायब हैं। यह बात मीडिया के जरिए भी सामने आई थी।
डीजल घोटाला: जांच में यह भी खुलासा हुआ कि नगर पालिका अध्यक्ष के नाम पर लगभग 1900 लीटर डीजल का उपयोग दिखाया गया, जो एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला है।
पोहरी में भी आशंका: विधायक कुशवाहा का कहना है कि पोहरी नगर परिषद में भी सालों से कोई ठोस जांच नहीं हुई। उन्हें शक है कि यहां भी गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बनी योजनाओं में भ्रष्टाचार हो रहा है।
कुशवाहा ने कहा, "नगर परिषद में गरीबों के लिए बनी योजनाओं का पैसा गलत जगह इस्तेमाल हो रहा है। अगर गहन जांच हो, तो बड़े खुलासे हो सकते हैं। मैंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी से भौतिक सत्यापन और सूक्ष्म जांच की मांग की है।"
कैलाश कुशवाहा ने क्या मांग की?
- कैलाश कुशवाहा ने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र लिखकर निम्नलिखित मांगें की हैं:
- पोहरी नगर परिषद में भ्रष्टाचार की भौतिक जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित किया जाए।
- शिवपुरी नगर पालिका में पहले हुई जांच के निष्कर्षों पर तुरंत कार्रवाई हो।
- वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
- कुशवाहा ने कहा, "शिवपुरी और पोहरी की जनता को भ्रष्टाचार की वजह से परेशानी हो रही है। गरीबों का हक छीना जा रहा है। मैं चाहता हूं कि सरकार इसकी गंभीरता से जांच करे।"
शिवपुरी नगर पालिका में पहले क्या हुआ?
- शिवपुरी नगर पालिका में पहले हुई जांच ने कई गंभीर अनियमितताएं उजागर की थीं। कलेक्टर शिवपुरी द्वारा कराई गई जांच में:
- फाइलों का गायब होना: नगर पालिका कार्यालय से सैकड़ों फाइलें गायब पाई गईं, जिनमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल थे।
- 1900 लीटर डीजल का दुरुपयोग: नगर पालिका अध्यक्ष के नाम पर इतनी बड़ी मात्रा में डीजल का उपयोग दिखाया गया, जो संदेहास्पद है।
- मीडिया में खुलासा: स्थानीय मीडिया ने इन गड़बड़ियों को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद मामला और चर्चा में आया।
पोहरी नगर परिषद में क्यों जरूरी है जांच?
पोहरी नगर परिषद में भी भ्रष्टाचार की आशंका को लेकर विधायक कैलाश कुशवाहा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "पोहरी में सालों से कोई गहन जांच नहीं हुई। गरीबों के लिए बनी योजनाओं का पैसा गलत तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। अगर भौतिक सत्यापन हो, तो बड़े खुलासे हो सकते हैं।"
पोहरी में नगर परिषद द्वारा संचालित योजनाओं, जैसे स्वच्छता अभियान, आवास योजना, और सड़क निर्माण, में अनियमितताओं की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा, और ठेकेदारों व अधिकारियों की मिलीभगत से पैसा गलत जगह जा रहा है।
स्थानीय निवासी रमेश परमार ने कहा, "पोहरी में सड़कों की हालत खराब है, गलियों में पानी भरता है, लेकिन नगर परिषद सिर्फ कागजों पर काम दिखाती है। विधायक जी ने जांच की मांग की, यह अच्छा कदम है।"
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधायक के पत्र पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हैं। शिवपुरी और पोहरी में लगे आरोपों की जांच के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।"
शिवपुरी कलेक्टर ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा, "पहले की जांच में कुछ अनियमितताएं सामने आई थीं, जिन पर कार्रवाई चल रही है। पोहरी नगर परिषद की जांच के लिए हम उच्च अधिकारियों से निर्देश लेंगे।"
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा, "शिवपुरी और पोहरी में भ्रष्टाचार की गंगा बह रही है। बीजेपी सरकार को चाहिए कि तुरंत जांच करवाए और दोषियों को सजा दे।"
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
यह मामला शिवपुरी और पोहरी में न सिर्फ प्रशासनिक, बल्कि राजनीतिक रूप से भी गूंज रहा है। कैलाश कुशवाहा, जो 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर पोहरी से जीते थे, इस मुद्दे को जनता के बीच ले जा रहे हैं। 2023 के चुनाव में उन्होंने बीजेपी के सुरेश राठखेड़ा धाकड़ को 49,481 वोटों से हराया था।
यह मामला 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। स्थानीय कार्यकर्ता रीना जैन ने कहा, "कैलाश कुशवाहा ने जनता की आवाज उठाई है। अगर जांच नहीं हुई, तो लोग सड़कों पर उतर सकते हैं।"
क्या हो सकते हैं अगले कदम?
- जांच दल का गठन: नगरीय विकास विभाग द्वारा पोहरी नगर परिषद और शिवपुरी नगर पालिका की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई जा सकती है।
- फाइलों की तलाश: गायब फाइलों की जांच के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और लेखा-जोखा की गहन पड़ताल हो।
- डीजल घोटाले की जांच: 1900 लीटर डीजल के दुरुपयोग के मामले में लोकायुक्त या EOW से जांच कराई जाए।
- जनता की भागीदारी: सार्वजनिक सुनवाई और जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जाए।
- कानून विशेषज्ञ डॉ अनिल शर्मा ने कहा, "शिवपुरी और पोहरी में भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर हैं। अगर जांच पारदर्शी हो, तो बड़े खुलासे हो सकते हैं। सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।"












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