देशभर में एक साथ चुनाव कराने के लिए चाहिए 35 लाख ईवीएम, हमारे पास सिर्फ 16 लाख

भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आए मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत मंगलवार को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विवि के सत्रारंभ समारोह में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से चर्चा की और उनके प्रश्नों के जवाब भी दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज मीडिया ही चुनाव पर छाया हुआ है।

एक साथ चुनाव कराने चाहिए 35 लाख ईवीएम, हमारे पास सिर्फ 16 लाख

एक देश एक चुनाव क्यों नहीं संभव

'एक देश एक चुनाव' के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए लगभग 32 लाख ईवीएम चाहिए। अभी आयोग के पास 15-16 लाख मशीनें हैं। इसके अलावा संवैधानिक प्रावधानों में भी संशोधन आवश्यक है। एक साथ चुनाव कराने के लिए केन्द्रीय पुलिस बल भी बड़ी संख्या में चाहिए। वहीं ओपी रावत ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि आज हमारे देश में हर काम सूचना प्रौद्योगिकी को लेकर हो रहा है। तब हम वापस मत पत्र से कैसे चुनाव करवा सकते हैं। क्या हम वापस बूथ कैप्चरिंग वाले दौर में जाना चाहते हैं? उन्होंने कहा की तकनीक के उपयोग से चुनाव सरल और सुलभ हो गए हैं।

ईवीएम में नहीं हो सकती टेंपरिंग

रावत ने बताया कि भारत में उपयोग की जा रही ईवीएम मशीन विश्वभर में अनोखी है और वीवीपेट से जुड़ने के बाद मतों की संख्या को दोबारा जांच सकते हैं। ईवीएम में टेंपरिंग नहीं हो सकती, उसमें ऑसीलेटरी सर्किट नहीं हैं। इस कारण मशीन को किसी दूसरी मशीन से नहीं जोड़ा जा सकता। टेंपरिंग किए जाने पर वह लॉक हो जाएगी।

आयोग के पास कानून बनाने का अधिकार
रावत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनाव निदेशन, अधीक्षण और नियंत्रण के लिए शक्ति दी गई है। उच्चतम न्यायालय ने इसी अनुच्छेद के तहत चुनाव आयोग को शक्ति प्रदान की है कि जब भी कोई परिस्थिति ऐसी आती है, जिससे निपटने के लिए स्पष्ट कानून न हो तो चुनाव आयोग कानून भी बना सकता है। इस 'प्लेनरी पॉवर' के कारण ही चुनाव आयोग ने एक राज्य में चुनाव के पहले 90 करोड़ रुपए बांटे जाने की घटना के बाद चुनाव न कराने का फैसला लिया था।

दोषियों को चुनाव लडने से रोका जाए
अपराधियों के चुनाव लडने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में आयोग ने एक जनहित याचिका पर जवाब दिया है। कहा है कि सभी प्रकार के दोषी, जिनको सजा हो चुकी है, उनको आजीवन चुनाव लडने से रोका जाए। जिनके विरुद्ध आरोप-पत्र जारी हो चुका है उन पर भी चुनाव लडने से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति जगदीश उपासने ने कहा कि हमारा चुनाव आयोग दुनिया के उच्चतम चुनाव आयोगों में से एक है। कार्यक्रम का संचालन कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा ने किया।

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