MPPSC की प्रारंभिक परीक्षा-2025 में 52 जिलों में अभ्यर्थियों ने दिया इम्तिहान, इंदौर में बने 71 परीक्षा केंद्र

MP News: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की प्रारंभिक परीक्षा-2025 रविवार को प्रदेश के 52 जिलों में आयोजित की गई। यह परीक्षा कुल 158 पदों के लिए ली गई, जिसमें हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

छात्रों को परीक्षा के लिए सुबह 9 बजे परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने के लिए कहा गया था। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जा सके।

Candidates appeared in 52 districts in the preliminary examination of MP Public Service Commission-2025

कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग

परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की चेकिंग की गई, जिसमें छात्रों को अलग-अलग कतारों में खड़ा करके उनकी तलाशी ली गई। मुख्य द्वार पर कड़ी चेकिंग की गई और सुरक्षा अधिकारियों द्वारा उनकी जूते, बैग, बेल्ट, वॉलेट, घड़ियां, ट्रांसपेरेंट बोतल के बिना पानी, गाड़ियों की चाबियां और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे मोबाइल फोन और अन्य उपकरण जमा करवा लिए गए थे। जिन छात्रों ने जूते पहनकर परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश किया था, उन्हें जूते बाहर ही उतरवाने पड़े। यह सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए थे कि परीक्षा में कोई गड़बड़ी या नकल की संभावना ना हो।

इंदौर में बने थे 71 परीक्षा केंद्र

इस वर्ष MPPSC की प्रारंभिक परीक्षा में इंदौर शहर में सबसे अधिक 71 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जो जिले में बढ़ते अभ्यर्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए किए गए थे। इंदौर के ओएसडी डॉ. आर. पंचभाई ने बताया कि इन केंद्रों में प्रमुख सरकारी कॉलेजों जैसे होलकर साइंस कॉलेज और अटल बिहारी कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इंदौर में कुल 25,700 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जो शहर के सबसे बड़े परीक्षा केंद्र के रूप में उभरा।

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का उत्साह

परीक्षा केंद्रों पर छात्रों का उत्साह देखा गया, हालांकि परीक्षा के लिए उन्हें जल्दी पहुंचने और लंबी चेकिंग प्रक्रिया से गुजरने के बावजूद वे सभी परीक्षा में भाग लेने के लिए तैयार थे। अधिकांश अभ्यर्थी शांतिपूर्वक परीक्षा केंद्रों में पहुंचे और निर्धारित समय के अनुसार परीक्षा में शामिल हुए। छात्रों में यह विशेष उत्साह देखा गया क्योंकि MPPSC की परीक्षा को सरकारी सेवाओं में एक बड़ी प्रतियोगिता माना जाता है, और यह उनके भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

चेकिंग के दौरान पूरी की गई सावधानियां

परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई थी। प्रवेश द्वार पर छात्रों की व्यक्तिगत सामग्री की जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कोई नकल, धोखाधड़ी या अन्य गड़बड़ी नहीं हो। परीक्षा केंद्रों में कैमरों की व्यवस्था भी की गई थी ताकि हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके। साथ ही, प्रवेश परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए स्टाफ और अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे।

परीक्षा का उद्देश्य और भविष्य की योजनाएं

MPPSC प्रारंभिक परीक्षा का उद्देश्य 158 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन करना है, जो राज्य सेवा और सहायक जिला अभियंता जैसे विभिन्न पदों के लिए हैं। इस परीक्षा के माध्यम से राज्य के सरकारी विभागों में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

परीक्षा के बाद अब अभ्यर्थियों को आगामी चरणों के लिए तैयारी करनी होगी, जिसमें मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू शामिल होंगे। MPPSC की प्रारंभिक परीक्षा प्रदेशभर में करियर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। प्रदेश सरकार ने आगामी दिनों में इस परीक्षा को और अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकें।

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