Cabinet expansion in mp: राजेन्द्र-राहुल-गौरी ही क्यों? जबलपुर से भोपाल पहुंचते ही सीएम शिवराज की मुहर!
Cabinet expansion in mp: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मंत्रिमंडल विस्तार पर अटकलों को विराम और अंतत मोहर लगी गई.. सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो तीन से चार मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार रात को राज भवन जाकर राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। राज भवन से जारी फोटोग्राफ्स में मुख्यमंत्री राज्यपाल को कोई सूची देते हुए नजर आ रहे है। मंत्री बनने जा रहे विधायकों के पास फोन भी घनघनाना शुरू हो गए हैं।
पिछले 5 दिन से सत्ता और संगठन भोपाल से लेकर दिल्ली तक, राज्य से लेकर केंद्रीय नेतृत्व के लंबे मंथन के बाद जो नाम अंतिम सूची में निकल कर आ रहे, उनमें विंध्य के दिग्गज ब्राह्मण नेता पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल की फिर देर से ही सही वापसी हुई। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम का मान सम्मान और उनकी भूमिका सहयोग का ध्यान रखते हुए राजेंद्र शुक्ल की एंट्री, तब मंत्रिमंडल में कराने जा रहे जब आप कोई विधानसभा का सत्र प्रस्तावित नहीं है।

शिवराज ने अपनी पसंद के राजेंद्र शुक्ल के साथ कमलनाथ के महाकौशल का प्रतिनिधित्व करने वाले पिछड़े वर्ग के गौरीशंकर बिसेन पूर्व मंत्री को भी अंतत अपने मंत्रिमंडल में स्थान देने जा रहे हैं। विंध्य से लेकर महाकौशल के जाति और क्षेत्रीय समीकरण के साथ शिवराज ने बुंदेलखंड और अन्य सीटों पर लोधी मतदाताओं की भूमिका को ध्यान में रखते हुए खरगापुर के विधायक राहुल लोधी को भी शपथ दिलवाने का मन बना लिया।
राहुल की मंत्रिमंडल में मौजूदगी का स्पष्ट संकेत शिवराज और उमा भारती की जबरदस्त अंडरस्टैंडिंग। उमा समर्थक प्रीतम लोधी का 39 टिकट में शामिल किया जाना भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा सकता है। यह फैसला भाजपा बदलती भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, नरेंद्र सिंह तोमर ज्योतिरादित्य सिंधिया ,प्रहलाद पटेल ,कैलाश विजयवर्गीय को भरोसे में लेकर ही लिया गया होगा।
छत्रपों, दिग्गजों के बीच समन्वय बनता हुआ नजर आने लगा है। वह भी तब जब प्रभारी चुनाव भूपेंद्र यादव, सह प्रभारी अश्विनी वैष्णव और प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव के अलावा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश खासे सक्रिय, और चुनाव की कमान जब अपने हाथ में अमित शाह संभाल चुके। जन आशीर्वाद यात्रा जिनकी संख्या पांच बताई जाती, जो शुरू होने वाली है, उससे पहले शिवराज विकास यात्रा पर पूरे प्रदेश के दौरा कर रहे हैं।
कुल मिलाकर हाई कमान ने नेतृत्व पर भले ही अपने पत्ते नहीं खोले लेकिन शिवराज पर उनका भरोसा कायम देखा जा सकता है। कम से कम मंत्रिमंडल में यदि तीन चेहरे और इसके अलावा कोई चौथा और शामिल किया जाता तो उसका आकलन यह बताने के लिए काफी होगा। पार्टी नेतृत्व अच्छी तरह यह समझ चुका है की कमजोर शिवराज चुनाव में उसके लिए कभी भी फायदे का सौदा नहीं हो सकता।












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