गौ-अभयारण्य बनने के बाद हाईवे पर सरपट दौड़ेंगे वाहन, मवेशियों को शिफ्ट करेंगे
State और National Highway पर आवारा मवेशी और गौ-वंश की मौजूदगी वाहन दुर्घटना का कारण बनती हैं और सरपट दौड़ते वाहनों की रफ्तार भी थम जाती है। इससे निजात दिलाने के लिए सरकार ने हर जिले में तहसील स्तर तक गौ-अभयारण्य खोलने का प्लान बनाया है। इसके लिए जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा कर गौ-अभयारण्य के लिए जगह तलाशी जा रही है।

सागर संभाग के सभी छह जिले जिनमें सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गौ-अभयारण्य बनाए जाएंगे। हाईवे व अन्य सड़कों पर घूमते गौ-वंश को सुरक्षित करने के लिए जिले में जल्द ही गौ-अभयारण्य तैयार किया जाएगा। सागर जिले में इसके लिए अर्जनी, आमेठ, बिलहरा, बीना और केसली में मुफीद जगह की तलाश की जा रही है। आगामी 10 से 15 दिन में अभयारण्य के लिए माकूल जगह चिन्हित कर ली जाएगी। बीते दिनों इसके लिए जिला प्रशासन ने खनिज प्रतिष्ठान की बैठक आयोजित कर निर्णय लिया था। खनिज प्रतिष्ठान समिति की राशि से जिले में गौ-वंश को सुरक्षित करने बड़ा गौ-अभयारण्य तैयार किया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनाए जाएंगे गौ-अभयारण्य
गौ-अभयारण्य के लिए जगह का निरीक्षण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत गौ-वंश बचाने के लिए गौ-अभयारण्य तैयार किया जाएगा। बैठक में सांसद राजबहादुर सिंह, विधायक शैलेंद्र जैन, जिपं अध्यक्ष हीरासिंह सहित जनपद पंचायत अध्यक्ष व प्रतिनिधि मौजूद थे। इसी प्रकार संभाग के छतरपुर व टीकमगढ़ सहित अन्य जिलों में भी जगह की तलाश की जा रही है।












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