Kangana Ranaut: भाजपा सांसद कंगना रनौत की बढ़ी मुसीबत, किसान संघर्ष समिति ने भेजा मानहानि का नोटिस
Kangana Ranaut News: भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत को किसान संघर्ष समिति ने उनके किसान आंदोलन पर किए गए विवादास्पद बयान को लेकर मानहानि का नोटिस भेजा है। समिति ने कंगना से एक सप्ताह के भीतर अपने बयान पर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है, अन्यथा उनके खिलाफ आपराधिक और सिविल मामला दायर करने की चेतावनी दी है। नोटिस में कंगना से 2 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति की मांग भी की गई है।
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने अपने वकील गुरुदत्त शर्मा के माध्यम से मंगलवार को यह नोटिस भेजा। नोटिस रजिस्टर्ड डाक से कंगना के मनाली स्थित पते पर भेजा गया है। इसमें कंगना के बयान को "बेहद आहत करने वाला" बताया गया है और उन्हें माफी मांगने का निर्देश दिया गया है।

कंगना रनौत का बयान
कंगना रनौत ने हाल ही में दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में कहा था, "अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे। वहां रेप और हत्याएं हो रही थीं। वे देश में कुछ भी कर सकते थे।"
समिति की प्रतिक्रिया
किसान संघर्ष समिति ने कंगना के बयान को किसान समुदाय के प्रति अपमानजनक और भड़काऊ करार दिया है। समिति के अध्यक्ष डॉ. सुनीलम का कहना है कि कंगना के बयान ने किसानों की छवि को धूमिल किया है और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे की कार्रवाई
नोटिस प्राप्त होने के बाद अगर कंगना रनौत अपने बयान पर माफी नहीं मांगतीं, तो किसान संघर्ष समिति उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करेगी।
यह घटनाक्रम किसान आंदोलन को लेकर चल रही राजनीतिक और सामाजिक बहस को और अधिक गहरा करता है, जिसमें विभिन्न पक्षों के बीच तीव्र मतभेद दिखाई दे रहे हैं।
कंगना का विवादित बयान:
कंगना रनौत ने हाल ही में दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में कहा था, "आज हमारा शीर्ष नेतृत्व कमजोर होता तो बांग्लादेश जैसी स्थिति भारत में भी हो सकती थी। यहां किसान आंदोलन के दौरान क्या हुआ, वो सबने देखा। कैसे प्रोटेस्ट के नाम पर वॉयलेंस फैलाया गया। वहां रेप हो रहे थे, मार कर लाशों को लटकाया जा रहा था। जब उस बिल को वापस लिया गया तो ये उपद्रवी चौंक गए, क्योंकि उनकी प्लानिंग तो बहुत लंबी थी। उन पर समय रहते कंट्रोल पा लिया गया, वर्ना कुछ भी कर सकते थे।"
किसान संघर्ष समिति की प्रतिक्रिया:
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने कंगना के बयान को किसान समुदाय के प्रति अपमानजनक और भड़काऊ करार दिया है। नोटिस में कहा गया है कि कंगना का बयान "देश के किसानों, अन्नदाताओं को अपमानित, जलील और नीचा दिखाने" वाला है और यह "हेट स्पीच" की श्रेणी में आता है। नोटिस में यह भी लिखा गया है कि कंगना के बयान ने किसान आंदोलन की सच्चाई और उसमें शामिल किसानों की शहादत का अपमान किया है।
नोटिस में मुख्य बिंदु:
- कंगना का बयान: "आपका यह बयान देश के किसानों और अन्नदाताओं को अपमानित करने वाला और आपत्तिजनक है।"
- किसान आंदोलन की सच्चाई: नोटिस में बताया गया है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने 380 दिनों तक पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन किया। इस दौरान 750 किसान शहीद हुए थे।
- माफी की मांग: नोटिस में कंगना से एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है।
- आर्थिक क्षति: कंगना से 2 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति की भी मांग की गई है।












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