MP: उमा की बहू, मंत्री के भाई, विधायक की पत्नी बनी जिला पंचायत अध्यक्ष, 5 जिलों में महिलाओं की सरकार
सागर, 29 जुलाई। बुंदेलखंड में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव संपन्न हो गए। संभाग में कुल छह जिला पंचायतों में से 5 पर भाजपा का कब्जा हो गया। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला मामला दमोह से सामने आया, जहां भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी जानकी चंद्रभान सिंह फॉर्म ही नहीं भर पाई, यहां कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी रंजीता पटेल अध्यक्ष बन गई हैं। सागर में परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत के भाई हीरा सिंह तो टीकमगढ़ में उमा भारती की बहू जिपं अध्यक्ष पद पर काबिज हो गई हैं।

मप्र में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान प्रत्येक जिले में अलग-अलग नजारे और गणित देखने को मिला है। बुंदेलखंड के सागर, दमोह और टीकमगढ में राजनीतिक गणित और जोड़तोड़ देखने को मिली। सागर में राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत के बड़े भाई हीरा सिंह राजपूत निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बन गए हैं। पड़ोसी जिला दमोह में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी रंजीता पटेल चुनाव जीत गई हैं। छतरपुर में भाजपा समर्थित प्रत्याशी विद्यादेवी अग्निहोत्री अध्यक्ष बनी हैं। उन्हें 22 में से 14 वोट मिले हैं। टीकमगढ में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे व विधायक राहुल लोधी की पत्नी उमिता सिंह लोधी चुनाव जीती तो पन्ना में भाजपा की मीणा राजे निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गई हैं। निवाड़ी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा की सरोज रानी निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गई हैं। कांग्रेस ने यहां उम्मीदवार ही नहीं उतारा।

जिला पंचायतों में महिलाओं की सरकार, छह में से 5 अध्यक्ष
सागर संभाग में जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्षों में भी महिलाओं की सरकार काबिज हुई है। संभाग में छह जिलों में से केवल सागर जिला पंचायत पर पुरुष वर्ग से अध्यक्ष काबिज हो सका। सागर में हीरासिंह विजय रहे तो छतरपुर में विद्यादेवी अग्निहोत्री, दमोह में रंजीत पटेल, टीकमगढ में उमिता सिंह लोधी, निवाडी में सरोज रानी, पन्ना में मीणा राजे अध्यक्ष चुनी गई हैं।
जीवन का पहला चुनाव लडे हैं हीरासिंह
मंत्री गोविंद राजपूत के बडे भाई हीरासिंह ने अपने अपने जीवन का पहला राजनीतिक चुनाव लड़ा है। हीरासिंह को जिला पंचायत का अध्यक्ष बनाने पहले से तैयारियां थी। परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत ने साथ ही सागर जिले से दोनो मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह का सहयोग मिला। तीनों मंत्रियों का साथ उनको निर्विरोध बनाने में सफल रहा है। इसके पहले नगरीय विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह के भतीजे अशोक सिंह की पत्नी श्रीमती दिव्या सिंह जिला पंचायत की अध्यक्ष थी। अशोक सिंह ने भी हीरासिंह को समर्थन देते हुए चुनाव नही लड़ा।












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