MP News: इंडिया गठबंधन की लहर का यूपी से सटी सीटों पर भी दिखा असर, भाजपा की जीत का मार्जिन हुआ कम
MP Lok Sabha Chunav Result: मध्य प्रदेश में भले ही भाजपा की जबरदस्त लहर चली हो और भाजपा सीटें जीतने में भी कामयाब रही, लेकिन उत्तर प्रदेश में बने चुनावी माहौल की हवा का असर यहां भी दिखाई दिया। दरअसल, इंडिया गठबंधन का असर उत्तर प्रदेश से सटी मध्य प्रदेश की कुछ लोकसभा सीटों पर भी देखने को मिला।
यहां पर भाजपा प्रचंड जीत करने में सफल दरअसल इंडिया गठबंधन का असर उत्तर प्रदेश से सटी मध्य प्रदेश की कुछ लोकसभा सीटों पर भी देखने को मिला। यहां पर भाजपा प्रचंड जीत करने में सफल तो रही, लेकिन इनमें से तीन सीटों पर उसकी जीत एक लाख से कम वोटों से हुई है।

लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में इस बार बड़ा झटका लगा है। वहां पर उसकी सिम आदि हो गई भाजपा के खिलाफ उत्तर प्रदेश में चली हवा का सर मध्य प्रदेश की भी कुछ सीटों पर दिखाई दिया हालांकि यहां पर भाजपा की लहर इतनी हावी थी कि उत्तर प्रदेश की हवा अपना पूरा असर नहीं दिखा सकी। लेकिन उस हवा के रुख ने प्रदेश की कुछ सीटों पर जीत का अंतर पिछले चुनाव की तुलना में कम कर दिया।
सतना सीट पर भाजपा के गणेश सिंह चुनाव जीते उन्होंने 84949 वोटो से कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धार्थ कुशवाहा को हराया यहां पर बसपा से चुनाव लड़े नारायण त्रिपाठी ने 1 लाख 85 हजार से अधिक वोट प्राप्त किए। पिछला चुनाव गणेश सिंह यहां से सभा दो लाख से ज्यादा मतों से जीते थे।
इसी तरह भिंड लोकसभा सीट से भाजपा की संध्या राय ने 64840 वोटो से जीत प्राप्त की उन्होंने कांग्रेस के फूल सिंह बरैया को चुनाव हराया। यहां पर बसपा उम्मीदवार देवासी झरिया को 20 हजार 465 वोट मिले। पिछले चुनाव में संध्या राय ने यहां से तीन लाख वोटो से जीत दर्ज की थी। हालांकि कांग्रेस संगठन यहां पर पूरी तरह एक्टिव दिखाई नहीं दिया, नहीं तो यह सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती थी।
वही मुरैना लोकसभा सीट पर भी इंडिया गठबंधन की हवा का असर दिखाई दिया क्योंकि यह सीट उत्तर प्रदेश से सटी हुई है। यहां पर भी भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला चला रहा लेकिन अंत में भाजपा प्रत्याशी शिवमंगल सिंह तोमर को जीत प्राप्त हुई। यहां पर भाजपा की जीत का अंतर कम हुआ है पिछले चुनाव में यहां से भाजपा करीब सवा लाख वोटो से जीती थी इस बार भाजपा के शिवमंगल सिंह तोमर यह चुनाव मात्र 52 हजार 503 वोटों से जीते हैं। यहां से दूसरे नंबर पर कांग्रेस के सत्यपाल सिंह सिकरवार रहे। जबकि बसपा से उम्मीदवार रमेश गर्ग को 1 लाख 79 हजार से ज्यादा वोट मिले है।
मतलब मध्य प्रदेश की दो सीटों पर बसपा उम्मीदवारों ने समीकरण बिगाड़ दिए। वरना यह दो सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती थी। दरअसल, मध्य प्रदेश में दलित आदिवासी वोट भाजपा को कम मात्रा में ही जाता है। ऐसे में अगर बसपा यहां से प्रत्याशी नहीं उतार दी तो यह वोट बैंक हो सकता है कांग्रेस के खाते में जा सकता था और कांग्रेस सतना मुरैना लोकसभा सीट से जीत सकती थी।












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