मोदी के फैसले से अंधे भिखारी के सामने आई बड़ी मुश्किल, 98 हजार के नोट खराब
पीएम मोदी की घोषणा से देवास का एक भिखारी मुश्किल में। नोट बदलने की लगाई गुहार।
इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोट बैन की घोषणा का बुरा असर एक अंधे भिखारी पर भी पड़ा है। देवास जिले के इस अंधे भिखारी के पास 500 और 1000 के नोटों के रूप में 98,000 रुपए हैं। अब वह परेशान है और अपनी समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों से उसने गुहार लगाई है।

मामले का ऐसे हुआ खुलासा
देवास जिले में सिया गांव के भिखारी सीताराम जब पैसा लेकर ग्राम पंचायत ऑफिस पहुंचा तो उसके पास 98,000 रुपए के 500-1000 के नोट देखकर सब चौंक गए।
सीताराम ने अधिकारियों से मदद मांगते हुए कहा, 'साहेब, ये मेरी जिंदगी की बचत है और लोग कह रहे हैं कि ये बेकार हो गए हैं।'
20 साल में जमा किए 98,000 रुपए
ग्राम पंचायत के सेक्रेटरी एजाज पटेल ने इस बारे में बताया कि सीताराम, सिया गांव की गलियों में भीख मांगता है और 20 सालों में उसने 98,000 रुपए जमा किए हैं।
सीताराम ने अपने पैसे सुरक्षित रखने के ख्याल से परिचितों को दे रखे थे। जब 500 और 1000 की करेंसी को देश में बैन किया गया, उसके बाद उन परिचितों ने सीताराम को पैसे लौटा दिए और कहा कि अब वे इनकी जिम्मेदारी नहीं ले सकते।

राजस्थान का रहने वाला है सीताराम
बीस साल पहले राजस्थान से सीताराम सिया गांव अपनी पत्नी के साथ आए थे। उनकी आंखों में रोशनी नहीं होने की वजह से गांव में कोई नौकरी नहीं मिली। इसके बाद वह वहीं के मेन मार्केट में भीख मांगने लगे।
सीताराम का खुलेगा बैंक अकाउंट!
सीताराम के 98,000 रुपए की समस्या का समाधान ग्राम पंचायत अधिकारी नहीं कर पाए हैं. उनका कहना है कि सीताराम के पास बैंक अकाउंट नहीं है इसलिए वे बैंक अधिकारियों से बात करेंगे। बैंक अकाउंट खुलवाने में सीताराम की मदद करेंगे और पैसे उसमें जमा करवाएंगे।












Click it and Unblock the Notifications