अभिनेता गोविंद नामदेव खोलेंगे ‘अभिनय कला अकादमी' बुंदेलखंड के युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता
दिग्गज अभिनेता गोविंद नामदेव को थिएटर से काफी लगाव है। वे खुद एनएसडी के छात्र रहे हैं। वे चाहते हैं कि बुंदेलखंड में भारत भवन जैसा संस्थान खोला जाए, ताकि यहां की प्रतिभाओं को मंच मिल सके और कला को संरक्षित किया जा सके।

फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव चाहते हैं कि बुंदेलखंड में भारत भवन जैसा संस्थान स्थापित किया जाए, ताकि यहां की रंगमंच की प्रतिभाओं को निखारा जा सके। गोविंद नामदेव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जल्द ही वे अभिनय कला की ट्रेनिंग देने के लिए एक इंस्टीट्यूट खोलने जा रहे हैं। इसमें थिएटर और फिल्मों की अभिनय कला की बारीकियां सिखाई जाएंगी। अकादमी में बुंदेलखंड के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

दिग्गज कलाकार अभिनेता गोविंद नामदेव इन दिनों सागर आए हुए हैं। वे यहां रंग थिएटर व एनएसडी की कार्यशाला में प्रशिक्ष्ज्ञणार्थियों को अभिनय कला के टिप्स दे रहे हैं। मीडिया से चर्चा के दौरान बाॅलीवुड अभिनेता गोविंद नामदेव ने बताया कि उन्हें सागर से विशेष लगाव हे। जब भी सागर का नाम आता है, वे रोमांचित हो उठते हैं। उनके मन में बुंदेलखंड की थिएटर प्रतिभाओं को लेकर चिंता रहती है। उनका कहना है कि यहां रंगमंच प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन यहां ऐसे व्यक्ति या संस्थान नहीं है जिनके माध्यम से युवाओं को निखारने में मदद मिल सके।
सरकार भारत भवन जैसा संस्थान बनाए
गोविंद नामदेव ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि सरकार बुंदेलखंड में भारत भवन जैसा संस्थान बनाए। उन्होंने कहा कि सागर में थिएटर से जुड़ी तथा और भी जा थिएटर से जुड़ी कलाएं हैं उनमें बहुत संभावनाएं हैं। कमी है तो यही कि यहां पर मार्गदर्शन की कमी है। ऐसे लोगों की कमी है जो अच्छे से मार्गदर्शन दे सकें, इस तरह की व्यवस्थाओं की कमी है। उन्होंने कहा कि मंैने पहले भी मांग उठाई थी, बुंदेलखंड में भारत भवन जैसा कला संकुल बनाए। इससे हमारे बुंदेलखंड की लोक कलाएं खत्म होने से बचेंगी। लोक कलाएं भी बचेंगी। हम देख रहे हैं फोक कला और कलाकार खत्म हो रहे हैं। भारत भवन जैसा काम्प्लेक्स बन जाए तो कला और इनके आर्टिस्ट को उभार सकते हैं। हमारे नवयुवक में काफी माद्दा है, लेकिन मार्ग दर्शन नहीं मिल पाता।
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रंगकर्मी संगीत श्रीवास्तव ने एनएसडी के सहयोग से वर्कशाॅप रखी है
सागर में रंग थिएटर व एनएसडी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वर्कशाॅप को लेकर अभिनेता नामदेव ने जानकारी देते हुए बताया कि सागर के रंगकर्मी संगीत श्रीवास्तव जो नेशनल स्कूल आफ ड्रामा से सीखे हुए हैं, इन्होंने एनएसडी के सहयोग से सागर में वर्कशाॅप रखी थी। इनके बुलावे पर मैं सागर आया था। पहले दो दिन का कार्यक्रम था, बाद में फिर पांच दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा।
थिएटर का दौर कभी खत्म नहीं होगा, बाॅलीवुड में कंटेट की कमी महसूस करते हैं
अभिनेता गोविंद नामदेव ने फिल्मों में वर्तमान में उपयोग की जा रही भाषा खासतौर से ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्मों की भाषा पर कहा कि ऐसा नहीं है। काफी अच्छी फिल्में आ रही हैं। एक बात जरूर है बाॅलीवुड में कंटेंट की कमी को महसूस करते हैं, हालांकि अब इसमें सुधार हो रहा है। ओटीटी को लेकर उन्होंने कहा कि अब हमारी फिल्मों का इंटरनेशनल लेवल पर कंपेरीजन होता है। कंटेंट की कमी को पूरा करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि थिएटर कभी खत्म नहीं होगा, थिएटर हमेशा जिंदा रहेगी, कारण लोग लाइव चीजों को ज्यादा पसंद करते हैं।












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