Ujjian Accident: बड़नगर में हादसा, शराबी फायर ब्रिगेड ड्राइवर ने कैसे मचाया कोहराम, जानिए, इतनों की मौत
मध्य प्रदेश के बड़नगर में एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार देर रात को एक फायर ब्रिगेड के ड्राइवर ने शराब के नशे में अंधाधुंध ड्राइविंग करते हुए कई लोगों को रौंद दिया, जिसमें एक मासूम बच्ची सहित चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे का भयावह मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह भयानक हादसा बड़नगर के मुख्य बाजार क्षेत्र में रात करीब 10:30 बजे हुआ। फायर ब्रिगेड वाहन, जो आमतौर पर आग बुझाने और लोगों की जान बचाने के लिए जाना जाता है, उस रात एक काल का रूप ले चुका था। ड्राइवर, जिसकी पहचान अभी तक पूरी तरह से उजागर नहीं हुई है, ने शराब के नशे में वाहन को इतनी तेज गति से चलाया कि वह अनियंत्रित हो गया।
वाहन ने पहले सड़क किनारे चल रहे कुछ राहगीरों को टक्कर मारी, फिर बाजार में मौजूद एक छोटी सी चाय की दुकान पर जा घुसा। इस टक्कर में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें एक 6 साल की मासूम बच्ची, दो युवक और एक वृद्ध महिला शामिल हैं। कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मृतकों की पहचान
पुलिस के अनुसार, मृतकों में 6 वर्षीय राधिका, 25 वर्षीय राहुल पाटीदार, 30 वर्षीय नरेंद्र सिंह और 60 वर्षीय कमला बाई शामिल हैं। राधिका अपनी मां के साथ बाजार में कुछ सामान खरीदने आई थी, जब यह हादसा हुआ। कमला बाई अपने घर के पास ही टहल रही थीं, जबकि राहुल और नरेंद्र अपने दोस्तों के साथ चाय की दुकान पर बैठे थे। इस हादसे ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
स्थानीय लोगों का गुस्सा, ड्राइवर को पकड़ा
हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड के ड्राइवर को भागने से पहले ही पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ड्राइवर नशे में था और उससे शराब की तीव्र गंध आ रही थी। स्थानीय लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन इस घटना ने प्रशासन के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ा दिया।
लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड जैसे महत्वपूर्ण वाहन को चलाने की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को कैसे दी गई, जो नशे की हालत में था। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ड्राइवर की मेडिकल जांच नियमित रूप से की जाती थी या नहीं।
पुलिस जांच और प्रशासन की चुप्पी
बड़नगर थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है और उसका मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि ड्राइवर ने शराब का सेवन किया था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई ठोस बयान नहीं आया है। स्थानीय लोग यह जानना चाहते हैं कि फायर ब्रिगेड ड्राइवर की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में क्या खामियां थीं, जिनके कारण यह हादसा हुआ।
घायलों की स्थिति गंभीर
इस हादसे में घायल हुए लोगों को बड़नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर के एक बड़े अस्पताल में रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, दो घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
सामाजिक और प्रशासनिक सवाल
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह समाज और प्रशासन के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करता है। शराब पीकर वाहन चलाने की समस्या देश भर में एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन जब ऐसी घटना में एक सरकारी वाहन और वह भी फायर ब्रिगेड जैसा आपातकालीन वाहन शामिल हो, तो यह और भी चिंताजनक हो जाता है।
स्थानीय निवासी रमेश पाटीदार ने कहा, "फायर ब्रिगेड तो हमारी जान बचाने के लिए होती है, लेकिन आज उसी ने हमारी जान ले ली। सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।"
परिवारों का दर्द
हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। राधिका के पिता रामलाल ने बताया, "मेरी बेटी तो बस कुछ देर के लिए बाजार गई थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस तरह हमेशा के लिए चली जाएगी।" कमला बाई के बेटे ने प्रशासन से इंसाफ की मांग की है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ड्राइवर उस समय फायर ब्रिगेड वाहन क्यों और कहां ले जा रहा था। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, लेकिन लोगों का कहना है कि यह सहायता उनके अपनों को वापस नहीं ला सकती।












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