MP News: सिंगरौली बस स्टैंड पर भीषण हादसा, दो बसों में लगी आग, क्लीनर की मौत, शराब पार्टी के बाद सोए थे तीनो
मध्यप्रदेश के सिंगरौली अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। देर रात करीब 12 बजे बस स्टैंड पर खड़ी दो बसों में अचानक आग लग गई, जिसमें एक बस में सो रहे क्लीनर हरीश पनिका (24) की जिंदा जलकर मौत हो गई।
हादसे में विजय ट्रैवल्स और सिद्दीकी बस सर्विस की दो बसें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर बस स्टैंड्स पर सुरक्षा व्यवस्था और रात में बसों में सोने की प्रथा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रात 12 बजे भड़की आग, दोनों बसें जलकर राख
हादसा सिंगरौली के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बैढ़न बस स्टैंड पर हुआ। यहाँ विजय ट्रैवल्स की बस (नंबर CG33 E 0813) और सिद्दीकी बस सर्विस की बस (नंबर MP17 P 1277) पास-पास खड़ी थीं। पुलिस के मुताबिक, रात करीब 12 बजे विजय ट्रैवल्स की बस में अचानक आग लगी, जो तेजी से फैलते हुए पास खड़ी सिद्दीकी बस को भी अपनी चपेट में ले लिया।
ट्रैफिक थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह ने बताया, "हमें सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर भेजा गया। लेकिन जब तक आग पर काबू पाया गया, दोनों बसें पूरी तरह जल चुकी थीं। आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। हम हर पहलू से जाँच कर रहे हैं।" स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ नहीं किया जा सका।
ड्राइवर-कंडक्टर भागे, क्लीनर फंस गया
हादसे के वक्त विजय ट्रैवल्स की बस में तीन लोग सो रहे थे-ड्राइवर जाहिद खान, कंडक्टर काशी पटेल और क्लीनर हरीश पनिका। काशी बस के आगे वाली सीट पर, जाहिद पीछे और हरीश बीच वाली सीट पर सो रहा था। रात करीब 12 बजे काशी की आँख खुली तो उसने बस में आग की लपटें देखीं। उसने तुरंत शोर मचाया और बाहर निकलने की कोशिश की।
काशी आगे वाले गेट से और जाहिद पीछे वाले गेट से किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन हरीश आग की लपटों में फंस गया। आग इतनी तेजी से फैली कि उसे बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। देखते ही देखते वह लपटों में घिर गया और जिंदा जल गया। हरीश की मौत की खबर से बस स्टैंड पर मौजूद लोग सन्न रह गए।

शराब पार्टी के बाद सो गए थे तीनों
जाँच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बस स्टैंड पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि हादसे से पहले जाहिद, काशी और हरीश ने मिलकर शराब पार्टी की थी। विजय ट्रैवल्स की बस बैढ़न से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के लिए चलती थी। सोमवार रात करीब 9 बजे यह बस अंबिकापुर से बैढ़न पहुँची थी। इसके बाद हरीश ने बस को धोया और फिर तीनों ने मिलकर खाना खाया।
रात करीब 11 बजे तक तीनों ने शराब पी और इसके बाद बस में ही सो गए। पुलिस को शक है कि शराब के नशे में हरीश आग लगने के बाद भी जाग नहीं पाया, जिसके चलते वह बाहर नहीं निकल सका। यह भी संभावना जताई जा रही है कि शराब पार्टी के दौरान किसी तरह की लापरवाही से आग लगी हो, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हरीश पनिका: एक नई जिंदगी की शुरुआत अधूरी
हरीश पनिका (24) छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफ नगर का रहने वाला था। उसकी शादी साल 2023 में हुई थी, लेकिन अभी उसकी कोई संतान नहीं थी। हरीश ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए नौकरी शुरू की थी और पिछले कुछ समय से विजय ट्रैवल्स में क्लीनर के तौर पर काम कर रहा था। उसकी मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। हरीश के पिता ने बताया, "वह बहुत मेहनती था। हमारी उम्मीदों का सहारा था। लेकिन अब सब खत्म हो गया।"
पुलिस की जांच और सवालों का घेरा
पुलिस ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी है। प्रभारी दीपेंद्र सिंह ने कहा, "हम आग लगने के कारणों की जाँच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि क्या शराब पार्टी के दौरान कोई लापरवाही हुई। ड्राइवर और कंडक्टर से पूछताछ की जा रही है।" पुलिस ने हरीश के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और उसकी मौत की वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
हालाँकि, इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बस स्टैंड पर रात में सुरक्षा व्यवस्था का क्या हाल है? क्या बसों में सोने की प्रथा पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए? अगर शराब पार्टी के दौरान लापरवाही से आग लगी, तो क्या बस ऑपरेटरों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी? ये सवाल स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
सिंगरौली में यह पहला मौका नहीं है जब बसों में आग लगने की घटना हुई हो। इससे पहले फरवरी 2025 में सिंगरौली में ही एक सड़क हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कई वाहनों में आग लगा दी थी, जिसमें बसें भी शामिल थीं। इसके अलावा, देश के अलग-अलग हिस्सों में भी बसों में आग लगने की घटनाएँ सामने आती रही हैं। हाल ही में हरियाणा के नूंह जिले में मई 2024 में एक बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं ने बसों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े किए हैं।
एक सबक और सवाल
हरीश पनिका की मौत ने एक बार फिर बस स्टैंड्स पर सुरक्षा व्यवस्था और रात में बसों में सोने की प्रथा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या इस हादसे के बाद प्रशासन कोई सख्त कदम उठाएगा? क्या बस ऑपरेटरों पर नकेल कसी जाएगी? और सबसे बड़ा सवाल-क्या हरीश जैसे लोगों को इंसाफ मिलेगा? यह हादसा न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए एक सबक भी है कि हमें अपनी लापरवाहियों पर ध्यान देना होगा, वरना ऐसी घटनाएँ रुकने का नाम नहीं लेंगी।
अब देखना यह है कि पुलिस की जाँच में क्या खुलासे होते हैं और इस हादसे के जिम्मेदार लोगों को सजा मिलती है या नहीं। सिंगरौली का यह हादसा एक चेतावनी है-कि अगर हमने समय रहते सुरक्षा के मानकों को सख्त नहीं किया, तो ऐसी त्रासदियाँ बार-बार होंगी।












Click it and Unblock the Notifications