UP: दो से अधिक बच्चे वाले नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, सीएम योगी लेंगे फैसला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अलगे साल अप्रैल महीने में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। इसको लेकर की तैयारियां पूरी होने से पहले ही नया कानून लागू करने की कवायद शुरू हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहन देने के लिए योगी सरकार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक लगा सकती है। साथ ही उम्मीदवारों के न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित की जा सकती है। इस पर आखिरी फैसला मुख्यमंत्री को ही लेना है। इसके बाद कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है। बता दें, पंचायत चुनाव दिसंबर 2020 में प्रस्तावित थे। लेकिन कोरोना महामारी के चलते यूपी में तय समय पर पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी नहीं हुई हैं। ऐसे में इसे आगे बढ़ा दिया गया।

सीएम को इस बाबत लिखे जा चुके हैं पत्र
पंचायत चुनाव में दो अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग लंबे समय से उठ रही है। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज्य मंत्री भी इसका समर्थन कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान समेत अन्य कई नेता भी इस बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख चुके हैं। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी दिशा निर्देश तय किए जा रहे हैं।
विधानसभा के अगले सत्र में संबंधित विधेयक हो सकता पेश
सूत्र बताते हैं कि पंचायत पंचायत चुनाव में महिला और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 8वीं पास होगी, जबकि 12वीं पास उम्मीदवार ही जिला पंचायत सदस्य का चुना लड़ सकेंगे। जिला पंचायत के लिए महिला, आरक्षित वर्ग और क्षेत्र पंचायत के लिए न्यूनतम 10वीं पास होने पर सरकार में सहमति भी बन चुकी है। इसे लेकर पंचायती राज एक्ट में संशोधन के लिए बहुत जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जा सकता है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक विधानसभा के अगले सत्र में पेश पंचायतीराज संशोधन कानून से संबंधित विधेयक पेश हो सकता है।












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