Nikay Chunav 2023: जानिए कौन हैं शाहीन बानो जिनको BSP ने टिकट देकर खेला मुस्लिम कार्ड
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मेयर सीट पर सभी दलों की निगाहें रहती हैं। हालांकि पिछले ढाई दशक से यहां बीजेपी ही काबिज है लेकिन इस बार बसपा ने यहां मुस्लिम कार्ड खेला है जिससे यहां का चुनाव रोचक हो सकता है।

Uttar Pradesh municipal elections: उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां अपने चरम पर हैं। दो चरणों में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा, सपा, बसपा समेत तमाम राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों के चयन को लेकर मंथन कर रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी ने लखनऊ की मेयर सीट पर शाहीन बानो को टिकट देकर मुस्लिम कार्ड खेलने की कोशिश की है। हालांकि बीजेपी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वह रंजना द्विवेदी पर दांव लगा सकती है।
BSP ने खेला मुस्लिम कार्ड
बहुजन समाज पार्टी ने यूपी के नगर निगम सीटों पर दो जगहों पर मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट पकड़ाया है। इससे पहले बसपा की मुखिया मायावती ने सहारनपुर में मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट दिया था। यूपी की 17 नगर निगमों यानी मेयर की सीटों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। कांग्रेस ने दो और सपा ने लखनऊ समेत 9 महापौर सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है. इसी क्रम में BSP ने भी लखनऊ से महापौर पद के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं।
काफी रोचक होगा लखनऊ का चुनाव
राजधानी लखनऊ होने के कारण मेयर का चुनाव शुरू से ही रोचक रहा है। इस बार यह सीट महिला के लिए आरक्षित हुई है। बसपा ने इस सीट पर मुस्लिमों का दांव लगाया है। पिछली बार इस सीट से बीजेपी की संयुक्ता भाटिया जीती थीं, लेकिन इस बार बीजेपी ने अभी तक किसाी के नाम का ऐलान नहीं किया जबकि समाजवादी पार्टी ने वंदना मिश्रा को अपना उम्मीदवार बनाया है।
बसपा नेता सरवर मलिक की पत्नी हैं शाहीन बानो
बानो के नाम की घोषणा बसपा एमएलसी और पार्टी के लखनऊ मंडल के प्रभारी भीमराव अंबेडकर ने एलएमसी के विभिन्न वार्डों के लिए 30 अन्य उम्मीदवारों के नामों के साथ की थी। बानो 2016 से एक सक्रिय पार्टी कार्यकर्ता के रूप में बसपा से जुड़ी हुई हैं। वह बसपा नेता मोहम्मद सरवर मलिक की पत्नी भी हैं, जिन्होंने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में लखनऊ उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था।
पति के राजनीतिक अभियानों की कमान संभाल चुकी हैं बानो
बानो एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, जिन्होंने अपने पति के राजनीतिक अभियानों को भी संभाला जब उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव और बसपा के टिकट पर 2022 का यूपी विधानसभा चुनाव लड़ा था। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को निर्देश दिया है कि वे ऐसे उम्मीदवारों का चयन करें जिनकी जीत लोगों के जीवन में बदलाव लाएगी।
इस बार यूपी में बढ़ 96 लाख मतदाता
दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव के लिहाज से यूपी नगर निगम चुनाव काफी अहम भूमिका निभाने वाले हैं। पिछले पांच साल में 96.36 लाख से ज्यादा वोटर बढ़े हैं। इस बार निकाय चुनाव में 4.32 करोड़ मतदाता वोट डाल सकेंगे जबकि 2017 में 3.35 करोड़ वोटर थे। इससे 4.33 लाख मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह वह मतदाता है जो 1 जनवरी 2023 को 18 वर्ष का हो गया था।












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