तो कुछ इस तरह से यूपी में 2014 को 2017 में दोहरायेगी भाजपा
इलाहाबाद। भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पार्टी की यूपी अभियान की बड़ी तैयारी के रूप में देखी जा रही है। देश के सभी अहम राज्यों में अपनी पैठ बनाने के बाद जिस तरह से बिहार में पार्टी को बुरी हार का सामना करना पड़ा है उसे भाजपा किसी भी हाल में यूपी में दोहराना नहीं चाहती है। लिहाजा यूपी के मिशन में फतेह के लिए अमित शाह पार्टी नेताओं के साथ पूरी ताकत झोंक रहे है।

पिछले पंद्रह साल से यूपी में सत्ता से दूर भाजपा इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी वापसी दर्ज कराने के लिए आतुर दिख रही है। अमित शाह ने जिस तरह से यूपी को अपनी साख का सवाल बनाया है वह इस बात की अहमियत को दर्शाता है कि यूपी पार्टी के लिए कितना अहम है।
यूपी की जीत बनेगा अन्य चार राज्यों में जीत का मंत्र
अमित शाह ने इलाहाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारे सामने 2017 में कई चुनौतियां हैं, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधान सभा चुनाव आने वाले हैं, हमें इसके लिए तैयार होना पडेगा, हमें अपने परिश्रम की पराकाष्ठा करके इन राज्यों में जीत सुनिश्चित करनी होगी।
यूपी जीत से ग्रोथ रेट पहुंचेगा डबल डिजिट में
यूपी में सपा को अहम और मजबूत प्रतिद्वंदी मानते हुए अमित शाह अखिलेश सरकार पर जमकर हमला बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अखिलेश सरकार काम कर रही है, वह न केवल प्रदेश के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक चिंता का विषय है। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा सूबा है, उत्तर प्रदेश के विकास के बिना देश का विकास संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में विकास होता है तभी देश का ग्रोथ रेट डबल डिजिट में पहुँच सकता है।
मथुरा की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर है, राज्य भर में सर्वत्र भूमाफिया का आतंक कायम हो चुका है, सरकारी और आम नागरिकों के जमीनों पर जबरन कब्जा किया जा रहा है, जमीनों को खाली कराने के लिए जानेवाले पुलिस अधिकारियों पर हमले हो रहे हैं, यह काफी गम्भीर स्थिति है।
कैराना का पलायन भाजपा की वापसी में मदद
कैराना में पलायन पर जिस तरह से राजनीति गरमा रही है उसे देखकर इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है यह आगामी चुनाव में अहम मुद्दा बनेगा। अमित शाह ने कैराना में लोगों के पलायन पर चिंता जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की स्थिति को राज्य की अखिलेश सरकार संभाल नहीं सकती। ऐसे में भाजपा की वापसी प्रदेश में अहम है।
पांच राज्यों के चुनाव से निकलेगा जीत का मंत्र
अमित शाह हाल ही में हुए पांच राज्यों के चुनावों का लाभ यूपी में लेना चाहते हैं और वह इस जीत से यूपी में कार्यकर्ताओं में जोश भरने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में पहली बार असम के रूप में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। इसके अलाना केरल और पश्चिम बंगाल में भी क्रमशः 15% और 10% से अधिक मत मिले, यह इस तथ्य की ओर ईशारा करता है कि केरल और पश्चिम बंगाल की जनता भी भारतीय जनता पार्टी के साथ आने के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि इन पाँचों राज्यों के चुनाव परिणाम भारतीय जनता पार्टी के लिए आनेवाले दिनों का शुभ संकेत है।
मोदी लहर फिर बनेगी निर्णायक
जिस तरह से मोदी लहर में भाजपा अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल हुई उसे एक बार फिर से यूपी में पार्टी दोहराने की योजना बना रही है। अमित शाह मोदी की लोकप्रियता को पूरी तरह से यूपी चुनावों में भुनाना चाहते है।
शाह ने काह कि कच्छ से लेकर गुवाहाटी तक और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश की जनता ने अपना समर्थन देकर प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी सरकार के नेतृत्त्व में केंद्र की भाजपा सरकार के दो वर्षों के कामकाज पर अपनी मुहर लगा दी है।
शाह ने कहा कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पार्टी ने जहां-जहां भी चुनाव लड़ा है, वहां हमने अप्रत्याशित सफलता अर्जित की है। उन्होंने कहा कि असम सहित पांच राज्यों में जहां हमारी सरकारें बनीं, वहीं दिल्ली और बिहार में भी प्रतिकूल राजनीतिक परिस्थिति के बावजूद हमारे मत प्रतिशत में इजाफा हुआ।












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