वापस भड़केगी राम मंदिर की चिंगारी? RSS मीटिंग का अहम मुद्दा - राम मंदिर
लखनऊ। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तीन दिन की मीटिंग पर हैं जहां इस बात पर चर्चा होनी है कि सत्ताधीन पार्टी किस तरह उन मुद्दों को डील करेगी जो संघ के लिए टॉप लिस्ट पर हैं। और इस टॉप लिस्ट में भी टॉप पर है राम जन्म भूमि या अयोध्या का राम मंदिर।
वरिष्ठ आरएसएस कार्यकर्ता दत्तात्रेय होसबोले ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि राम मंदिर भारत के हित में है और यह राष्ट्रीय मुद्दा है। यह भाजपा के मैनिफेस्टो में शामिल है और संघ को बार बार याद दिलाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
लव जिहाद पर भी फसाद
इसके अलावा लव जिहाद पर बहस छिड़ने की भी संभावना। संघ का आरोप है कि मुस्लिम युवा हिंदु लड़कियों को बहलाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुख्य मुद्दा भी लव जिहाद ही था।
राम मंदिर की ज़िद हमेशा पड़ी है भारी
गौरतलब है कि राम मंदिर की ज़िद और बार बार इस मुद्दे को उछालना देश के लिए हमेशा डरावने मंज़र लेकर आया है। राम मंदिर पर फैसला आने वाले दिन भी देश में इमरजेंसी जैसे हालात थे। ऐसे में भाजपा और संघ का वापस इस मुद्दे को गलत ढंग से उठाना मोदी सरकार को भारी पड़ सकता है।
कमल खिलने के बाद ही धुला है कीचड़
अभी ताज़ा वाकया ही है कि केंद्र में कमल खिलने के बाद ही नरेन्द्र मोदी पर लगा गुजरात दंगों का कीचड़ साफ हो पाया है। ऐसे राम मंदिर बनाने के लिए संघ की हठ सरकार के लिए बहुत सोच समझ कर उठाने वाला कदम होगा।
पहले ही कर चुके बवाल
वैसे भी संघ के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने यह कहकर चिंगारी भड़का दी है कि भारत में कोई अल्पसंख्यक है ही नहीं, सब हिंदु हैं। हालांकि इस मीटिंग के बारे में संघ ने चुप्पी साध रखी है। लखनऊ में हो रही इस मीटिंग में मोहन भागवत सहित संघ के 400 मुख्य चेहरे भाग ले रहे हैं।












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