यूपी के लोगों के पास आया कॉल, क्या योगी सरकार सिर्फ ठाकुरों के लिए काम कर रही है?, पुलिस कर रही जांच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण और ठाकुरों को लेकर हो रही राजनीति के बीच एक तथाकथित राजनीतिक सर्वे चर्चा में है। 24 सेकेंड के इस ऑटोमेटेड फोन कॉल के जरिए किए जा रहे इस सर्वे में प्रदेश में ब्राह्मण-ठाकुरों को लेकर लोगों से सवाल पूछे जा रहे हैं। यह मामला शासन के आदेश पर अब पुलिस के पास पहुंच गया है। हजरतगंज थाने में इसके खिलाफ एक केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच साइबर सेल कर रही है।

प्रदेश के लोगों के पास मंगलवार की सुबह से एक कॉल आए। इसमें लोगों को कहा जा रहा है कि यह गोपनीय कॉल है। क्या योगी सरकार प्रदेश में सिर्फ ठाकुर समाज के लिए काम कर रही है, कॉल पर लोगों से इस तरह के सवाल किए जा रहे हैं। सहमति और असहमति दर्ज करने के लिए बटन दबाने को भी कहा जा रहा है। जिस नंबर से यह कॉल किए जा रहे हैं, वह ऐप पर चेक करने पर पॉलिटिकल सर्वे, लोकेशन राजस्थान के तौर पर दिखाई दे रहे हैं।
यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुंचा तो इसका संज्ञान लेकर योगी सरकार ने इसके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दे दिए। लखनऊ के हजरतगंज थाने में इस घटना पर आईटी एक्ट और जातिगत भावना भड़काने की धाराओं में एफआईआर लिखी गई है। कहां से ये कॉल किए जा रहे हैं, इस सर्वे के पीछे कौन है, उसका क्या मकसद है, इन सारे सवालों की छानबीन में यूपी पुलिस की साइबर सेल जुट गई है।
प्रदेश में ब्राह्मण-ठाकुर को लेकर चल रही सियासत
गैंगस्टर विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराने के बाद प्रदेश में ब्राह्मण वोट को रिझाने के लिए सियासत शुरू हुई जिसमें कांग्रेस, सपा, बसपा सभी शामिल हो गईं। विरोधी पार्टियों ने प्रदेश में ब्राह्मणों को निशाना बनाने की बात कहकर योगी सरकार पर हमला शुरू कर दिया। वहीं आम आदमी पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स को स्पेशल ठाकुर फोर्स तक कह दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि योगी सरकार में सिर्फ ठाकुरों के हितों की रक्षा की जा रही है। ब्राह्मणों को लेकर हो रही सियासत में परशुराम की मूर्ति बनाने का वादा सपा और बसपा ने किया। दोनों जातियों पर गरमाई राजनीति के बीच इस कथित राजनीतिक सर्वे से हड़कंप मचा है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।












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