लखनऊ पुलिस के हत्थे चढ़ा नकली Remdesivir इंजेक्शन बेचने वाला गिरोह, 20 हजार में करते थे सौदा
लखनऊ, अप्रैल 23: उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। राजधानी लखनऊ में हालात बेकाबू हो चुके हैं। संकट के इस दौर में भी लोग ऑक्सीजन और अन्य जरूरी दवाईयों की कालाबाजारी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। रेमडेसिविर इंजेक्शन की भी कालाबाजारी शुरू हो गई है। लखनऊ पुलिस ने गुरुवार को एक रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 34 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए हैं। साथ ही, 4 लाख 69 हजार रुपए नगद भी बरामद किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, गैंग के सदस्यों में दो डॉक्टर भी शामिल हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।

पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी
जानकारी के मुताबिक, मानक नगर पुलिस को ठाकुरगंज इलाके में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की सूचना मिल रही थी। पुलिस ने जाल बिछाकर गिरोह के चार लोगों को दबोचा, जिनमें एक डॉक्टर सम्राट पांडेय है। वह गोंडा के रहने वाले हैं। दूसरा डॉक्टर अतहर है, जो लखनऊ में ही रहता है। पुलिस ने इनके दो एजेंट उन्नाव के विपिन कुमार और तहजीब उल हसन को भी दबोचा है। पुलिस का मानना है कि पूरी राजधानी में कालाबाजारी करने वाला गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश जारी है।
1800 रुपए का इंजेक्शन 30 हजार रुपए में बेच रहे थे
पुलिस पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने बताया कि 1800 रुपए के रेमडिसिविर इंजेक्शन को 20 से 30 हजार रुपए में बेचते थे। इंजेक्शन की कीमत जरूरतमंद की जेब देखकर तय होती थी। यही नहीं लखनऊ में कुछ व्यापारियों को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। साथ ही कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।












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