Narendra Giri: हर सरकार में चलता था नरेंद्र गिरी का रसूख, सपा से नजदीकियों के लिए हमेशा रहे चर्चाओं में
Narendra Giri: हर सरकार में चलता था नरेंद्र गिरी का रसूख, सपा से नजदीकियों के लिए हमेशा रहे चर्चाओं में
लखनऊ, 21 सितंबर: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत हो गई है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। लेकिन क्या आप जानते है कि सपा की सरकार हो या भाजपा सरकार नरेंद्र गिरी का रसूख हर सरकार में था। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और पूर्व सीएम अखिलेश यादव से लगाव की बात हो या भाजपा से नरेंद्र गिरी का सभी से काफी जुड़ाव रहा।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री थे, तब अक्सर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरी की उनसे मुलाकात होती थी। इतना ही नहीं, नरेंद्र गिरी की बातों को पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी बड़ी गंभीरता से लेते थे। उनकी बातों पर अमल भी होता था। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से उनकी जितनी नजदीकियां थीं, उतने ही वह शिवपाल सिंह यादव के भी करीबी रहे। नई पार्टी बनाने के बाद भी शिवपाल जितनी बार प्रयागराज आए, अधिकतर बार नरेंद्र गिरी से मिले।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव साल 2019 में प्रयागराज आए थे। यहां कुंभ मेले में स्नान करने से पहले वो महंत नरेंद्र गिरी से मिलने उनके मठ पहुंचे थे। इस दौरान महंत नरेंद्र गिरी ने पूजा अर्चना भी कराई थी और स्नान के दौरान भी वह पूर्व सीएम अखिलेश यादव के साथ ही थे। उनकी यह मुलाकात शीर्ष भाजपा के नेताओं को पसंद नहीं आई थी। इसको लेकर तंज भी कसा गया था लेकिन, महंत नरेंद्र गिरी ने कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
शिवपाल के भी करीबी थे महंत नरेंद्र गिरी
महंत नरेंद्र गिरी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव के काफी करीबी थे। कुंभ मेले के दौरान भी शिवपाल सिंह प्रयागराज आए थे और बाघम्बरी गद्दी गए थे। वहां पर उन्होंने नरेंद्र गिरी से करीब आधे घंटे बंद कमरे में बातचीत की थी। उसके बाद वह स्नान करने के लिए संगम गए थे। बाघम्बरी गद्दी की जमीन को लेकर जो विवाद चल रहा था, उसको सुलझाने में शिवपाल सिंह यादव ने अहम भूमिका निभाई थी। उस समय सपा की सरकार थी।
2017 में BJP के करीबी बन गए थे महंत नरेंद्र गिरी
हालांकि, साल 2017 में जैसे ही प्रदेश में भाजपा की सरकार आई महंत नरेंद्र गिरी इस सरकार के भी करीबी बन गए। सीएम योगी आदित्यनाथ की संत परंपरा से आने के कारण उनके पूर्व से ही महंत नरेंद्र गिरी से अच्छे रिश्ते रहे। सीएम के प्रयागराज आगमन पर उन्हें भोजन कराने, हनुमान मंदिर में पूजन कराने से लेकर लखनऊ में सीएम कार्यालय जाकर मुलाकात का सिलसिला बना रहा।












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