कैराना बना पाकिस्तान, 350 हिंदू परिवारों ने डर की वजह से छोड़ा शहर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के दादरी कांड के बाद जिस तरह से अखिलेश सरकार की फजीहत हुई थी उसने एक बार फिर से कैराना में हिंदुओं के पलायन से सवाल खड़े हो गये हैं। कैराना में कथित रुप से जिस तरह से बढ़ते अपराध के चलते 346 हिंदू परिवारों ने गांव से पलायन कर दिया है उसने प्रदेश की कानून व्यवस्था को एक बार फिर से लोगों के सामने बेनकाब करके रख दिया है।

हालांकि अखिलेश सरकार इसे तथ्यहीन करार दे रही है लेकिन भाजपा के सांसद हुकुम सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने कैराना से पलायन करने वाले हर घर का सत्यापन किया है। हुकुम सिंह ने दो दिन पले सूचि जारी करते हुए कैराना में बढ़ते अपराध, गुंडागर्दी, धमकी और लूटपाट का हवलाा दिया है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में पलायन करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है।
हुकुम सिंह की सूचि का डीएम सुजीत कुमार और एसपी ने सत्यापन का निर्देश दे दिया है। एसडीएम व सीओ के नेतृत्व में दो टीमें जांच के लिए भी भेजी गयी हैं। स्थानीय व्यापारियों ने भी यहां फैले गुंडाराज के खिलाफ जमकर स्थानीय प्रशासन पर हमला बोला। व्यापारियों का कहना है कि जेल के भीतर से हमसे फिरौती की मांग की जाती है। व्यापारियों का कहना है कि हमें फोन पर धमकी दी जाती है।
लोगों का कहना है कि अगर हम पैसे नहीं देते हैं तो लोगों की हत्या करा दी जाती है। ऐसे में जान बचाने के लिए हमारे पास पैसे देने के अलावा कोई रास्ता है। इलाके के एक किसान का कहना है कि जब उसने अपनी जमीन बेची तो उसे 10 लाख रुपए की मांग की गयी थी।
किसान का कहना है कि हमें धमकी दी गयी कि अगर पैसे नहीं देते हैं तो वह हमें जान से मार देंगे। किसान का कहना है कि मैंने अपनी जमीन बेच दी है, पुलिस किसी भी तरह की मदद नहीं कर रही है, अब हम शहर हमेशा के लिए छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
वहीं एक अन्य व्यापारी सुनील कुमार का कहना है कि कैराना पाकिस्तान बन गया है, जहां हत्या, लूट और अपहरण आम बात हो गयी है। कैराना के डीएम का कहना है कि हमें सांसत का पत्र मिला है जिसमें कहा गया है कि यहां परिवार मजबूरन गांव छोड़ रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications