माया का दर्द, बेदम हुआ हाथी, इल्जाम मोदी पर

मायावती का हाथी बेदम हो गया। मोदी की लहर ने माया के हाथों से सारी सीटें छीन ली। मायावती का खाता तक नहीं खुला। लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता नहीं खुलने के लिए भाजपा समेत तमाम विरोधी दलों के घिनौने हथकंडों को जिम्मेदार ठहराया। मायावती ने पार्टी को मिली शिकस्त के लिए मुस्लिम, अन्य पिछड़ा वर्ग और अगड़ी जाति के लोगों के गुमराह होने और भाजपा द्वारा चुनाव को सांप्रदायिक रंग दिये जाने को जिम्मेदार ठहराया।
हार के बाद सामने आई मायावती ने कहा कि इस बार हमारी पार्टी पूरे देश में एक भी सीट नहीं निकाल सकी। उन्होंने ने अपनी हार के लिए भाजपा, कांग्रेस और सपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-भाजपा और सपा आदि सभी विरोधी पार्टियों द्वारा एक सोची-समझी साजिश तथा रणनीति के तहत अपनाये गये किस्म-किस्म के घिनौने हथकंडों को जिम्मेदार मानती है.।
उन्होंने कहा कि खासकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में चुनाव से ठीक पहले अमित शाह ने साजिश के तहत जानबूझकर भड़काऊ बयानबाजी की और चुनाव को सांप्रदायिक रंग दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के अप्रत्याशित नतीजों से साफ है कि जनता कांग्रेस की गलत नीतियों और नाकामियों के जबर्दस्त खिलाफ थी। मायावती ने दावा किया कि कोई भी सीट नहीं जीत पाने के बावजूद देश और प्रदेश में बसपा के वोटों के प्रतिशत में कोई खास फर्क नहीं आया है।












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