माया का दर्द, बेदम हुआ हाथी, इल्जाम मोदी पर

mayawati
लखनऊ। 16वीं लोकसभा चुनाव के परिणाम ने बहुजन समाज पार्टी का अस्तित्व हिलाकर रख दिया है। बसपा अध्यक्ष मायावती जिसके खाते में 2009 में 20 सीटें हासिल हुई थी, लेकिन इस बार भाजपा के भाजपा के पीएम पद के दावेदार और अब कहे तो देश के भावी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐसी आंधी चली कि मायावती का किला ढह गया।

मायावती का हाथी बेदम हो गया। मोदी की लहर ने माया के हाथों से सारी सीटें छीन ली। मायावती का खाता तक नहीं खुला। लोकसभा चुनाव में बसपा का खाता नहीं खुलने के लिए भाजपा समेत तमाम विरोधी दलों के घिनौने हथकंडों को जिम्मेदार ठहराया। मायावती ने पार्टी को मिली शिकस्त के लिए मुस्लिम, अन्य पिछड़ा वर्ग और अगड़ी जाति के लोगों के गुमराह होने और भाजपा द्वारा चुनाव को सांप्रदायिक रंग दिये जाने को जिम्मेदार ठहराया।

हार के बाद सामने आई मायावती ने कहा कि इस बार हमारी पार्टी पूरे देश में एक भी सीट नहीं निकाल सकी। उन्होंने ने अपनी हार के लिए भाजपा, कांग्रेस और सपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-भाजपा और सपा आदि सभी विरोधी पार्टियों द्वारा एक सोची-समझी साजिश तथा रणनीति के तहत अपनाये गये किस्म-किस्म के घिनौने हथकंडों को जिम्मेदार मानती है.।

उन्होंने कहा कि खासकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में चुनाव से ठीक पहले अमित शाह ने साजिश के तहत जानबूझकर भड़काऊ बयानबाजी की और चुनाव को सांप्रदायिक रंग दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के अप्रत्याशित नतीजों से साफ है कि जनता कांग्रेस की गलत नीतियों और नाकामियों के जबर्दस्त खिलाफ थी। मायावती ने दावा किया कि कोई भी सीट नहीं जीत पाने के बावजूद देश और प्रदेश में बसपा के वोटों के प्रतिशत में कोई खास फर्क नहीं आया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+