2053 करोड़ रुपए से होगा लखनऊ का कायाकल्प, पटरी दुकानदारों से मिलेगी मुक्ति
लखनऊ। स्मार्ट सिटी की लिस्ट में 13 शहरों में लखनऊ के पहले स्थान पर आने के बाद शहरवासियों में खुशी की लहर है। स्मार्ट सिटी की लिस्ट में आने के बाद लखनऊ का कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए 14 विभागों के साथ करार हुआ है। तो ये हैं स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चुने गए पहले 20 शहर

समीक्षा के लिए समय-समय पर बैठक
लखनऊ के कायाकल्प के लिए नगर निगम स्पेशल पर्पज वेहिकल बनायेगा जिसके लिए उसने 14 विभागों के साथ करार किया है। प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए कमिश्नर और डीएम की अध्यक्षता ममें बैठकें होंगी जिसमें शहर को स्मार्ट बनाने का खाका खींचा जाएगा और विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
लखनऊ को स्मार्ट बनाने के लिए कुल 2053 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे। शहर को दो चरणों में विकसित किया जाएगा, पहला चरण पैन सिटी डेवलेपमेंट जबकि दूसरा एरिया बेस्ड विकास यानी रेट्रोफिटिंग होगा।
पैन सिटी के तहत कुल 578 करोड़ रुपए तो रेट्रोफिटिंग के लिए 1475 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे। इस योजना के लिए राज्य व केंद्र सरकार 500-500 करोड़ रुपए खर्च करेंगी। इसके अतिरिक्त खर्च को पीपीपी मोड पर खर्च किया जाएगा।
पोर्टल के जरिए लोगों से लिये जायेंगे सुझाव
शहर को स्मार्ट बनाने के लिए एक स्मार्ट सिटी का पोर्टल बनाया जाएगा जिसमें शहर के लोग अपने इलाके से जुड़ी दिक्कतों को साझा करेंगे जिसके आधार पर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। इस तकनीक के जरिए लोगों को इस योजना से जोड़ा जाएगा जिससे कि पूरे शहर को इसका लाभ हो सके।
ट्रैफिक व्यवस्था को किया जाएगा दुरुस्त
शहर की ट्रैफिक व्यवस्ता को सुधारने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट की व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इसके तहत पार्किंग में स्मार्ट साल्यूशन के साथ बसों में आईसीटी व्यवस्था शुरु की जाएगी। जिसका लोग टैक्सी बस व मेट्रो में इस्तेमाल कर सकेंगे।
तारों से शहर को मिलेगी मुक्ति
शहर में बिजली की खपत को कम करने के लिए स्ट्रीट लाइट की जगह एलईडी लगायी जाएगी जिससे बिजली की खपत को कम किया जा सके। जलापूर्ति, भूमिगत वायरिंग के जरिए स्मार्ट मीटर की व्यवस्था सहित टेलीकॉम लाइन सहित तमाम आधुनिक तकनीक के जरिए शहर को केबल फ्री किया जाएगा।
पर्यटन का नया केंद्र बनेगा लखनऊ
लोगों स्वस्थ रखने के लिए ओपन जिम की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए वाई-फाई की सुविधा पूरे शहर में मुहैया करायी जाएगी। गोमती रिवर फ्रंट को विकसित किया जाएगा साथ ही रोड पर स्मार्ट सिटी नॉलेज मैनेजमेंट की व्यवस्था शुरु की जाएगी।
अतिक्रमण से मिलेगी मुक्ति
शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग बनायी जाएगी। इसके लिए परिवर्तन चौक पास ग्लोब पार्क, कैसरबाग में बनेगा। साथ ही फुटपाथ का भी निर्माण किया जाएगा जिससे पैदल चलने वालों को दिक्कत नहीं हो। शहर भर में अतिक्रमण को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। इन बदलावों को स्थिर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे जिसके जरिए इसकी मॉनीटरिंग की जा सके।
शहर को कूड़ा से मुक्त करने कि लिए वेस्ट मैनेजमैंट की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही सीवर लाइन को पीने के पानी के लाइन को अलग किया जाएगा जिससे लोगों को साफ पानी मुहैया कराया जा सके। इसके लिए जीपीएस और आईसीटी का इस्तेमाल किया जाएगा।
पर्यटकों का रखा जाएगा विशेष खयाल
शहर की ऐतिहासिक इमारतों की भी तस्वीर को बदला जाएगा। छतर मंजिल, बेगम हजरत महल पार्क में इंटरनेशनल कल्चरल एंड हेरिटेज सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा विदेशी पर्यटकों के लिए अंतर्राष्ट्रीरय टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर को बनाया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications