Asim Arun : IPS की नौकरी छोड़ BJP में आए असीम अरुण को योगी कैबिनेट में मिली जगह, जानें अब तक का सफर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के तेज-तर्रार आईपीएस अफसरों में शुमार और कानपुर के पहले पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने खाकी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। यूपी चुनाव में बीजेपी ने उन्हें सपा की मजबूत सीट मानी जाने वाली कन्नौज सदर सीट से उम्मीदवार घोषित किया। इस सीट पर असीम अरुण ने शानदार जीत दर्ज की। असीम अरुण को योगी कैबिनेट में जगह देकर बीजेपी ने उन्हें बड़ा इनाम दिया है। यूपी चुनाव 2022 में कन्नौज की सदर सीट से जीत दर्ज करने के बाद असीम अरुण को योगी सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। आइए जानते हैं कौन हैं असीम अरुण?

कौन हैं असीम अरुण ?
असीम अरुण का जन्म 3 अक्टूबर 1970 को यूपी के बदायूं में हुआ था। पिता राम अरुण का नाम प्रदेश के तेज तर्रार आईपीएस अधिकारियों में लिया जाता है। उन्होंने प्रदेश में डीजीपी का पद भी संभाला है। असीम अरुण ने राजधानी लखनऊ के सेंट फ्रांसिस कॉलेज से अपनी शुरुआती शिक्षा ग्रहण की है। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज में दाखिला लिया। यहां उन्होंने बीएससी की पढ़ाई की। फिर सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गए और सिलेक्ट भी हुए।

2009 में किया स्वाट टीम का गठन
असीम अरुण 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 2009 में अलीगढ़ में पहली बार स्वाट टीम का गठन किया। लखनऊ में हुए सैफुल्ला एनकाउंटर के दौरान असीम अरुण चर्चा में आए थे। उस दौरान एटीएस कमांडों ने ठाकुरगंज इलाके में छिपे आतंकियों को ढेर किया था। असीम अरुण हाथरस, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, आगरा, अलीगढ़ और गोरखपुर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसी के बाद उन्होंने एटीएस में कार्यभार संभाला था।
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तेज-तर्रार IPS अफसरों में शुमार हैं असीम अरुण
असीम अरुण का नाम सूबे के तेज-तर्रार आईपीएस अफसर में शुमार रहा है। वह कानपुर के पहले पुलिस कमिश्नर रहे हैं। यूपी चुनाव से पहले आईपीएस की नौकरी को अलविदा कहकर असीम ने भाजपा का दामन थामा। पार्टी ने उन्हें कन्नौज सदर सीट से उम्मीदवार घोषित किया। यहां से असीम अरुण ने सपा के लगातार तीन बार के विधायक अनिल दोहरे को हराकर जीत दर्ज की।












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