लखनऊ: होम आइसोलेशन में कोरोना संक्रमित पिता-पुत्र की मौत, 4 दिनों से शवों के साथ रह रही थी दिव्यांग मां
लखनऊ, मई 02: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। प्रदेश में इस संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित राजधानी लखनऊ है। लखनऊ में रोज 5 हजार से अधिक नए मरीज मिल रहे हैं और मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता रहा है। शनिवार को लखनऊ के कृष्णानगर एलडीए कालोनी में होम आइसोलेशन में रह रहे बाप-बेटे के चार दिन पुराने शव पड़ मिले। अरविंद गोयल (60) और उनके बेटे आशीष गोयल (25) दोनों कोरोना संक्रमित थे। अरविंद की दिव्यांग पत्नी रंजना गंभीर हालत में पुलिस को मिली हैं। वह चार दिनों से पति और बेटे के शव के साथ ही रह रहीं थीं। इस दौरान उन्होंने मदद के लिए कई बार आवाज लगाई, लेकिन उनकी आवाज घर के बाहर तक पहुंची ही नहीं।

अलग-अलग कमरों में पड़े थे बाप-बेटे के शव
इंस्पेक्टर महेश दुबे ने बताया कि एलडीए कालोनी में अरविंद गोयल का परिवार रहता था। स्थानीय लोगों ने घर से दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो देखा कि अरविंद और आशीष के शव अलग-अलग कमरों में पड़े थे, जबकि अरविंद की पत्नी रंजना भी घर में थीं। रंजना चल नहीं सकती थीं। ऐसे हालात में वह घर में ही मौजूद थीं। उनके सामने पति का शव पड़ा था। खुद रंजना भी कोरोना संक्रमित थीं। उनकी तबीयत भी काफी खराब थी। पति और बेटे की मौत का पता चलने के बाद रंजना ने मदद के लिए कई बार आवाज दी, लेकिन किसी तक उनकी आवाज नहीं पहुंची। पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है।
चार दिन से किसी को नहीं दिखे थे बाप-बेटे
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि अरविंद और आशीष ही घर से बाहर दिखते थे, लेकिन कोरोना संक्रमित होने के बाद से वह होम आइसोलेशन में थे। चार दिन से वह किसी को नजर नहीं आए थे। पड़ोसियों ने बताया कि अरविंद की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। आशियाना में रहने वाली अरविंद की मां हर महीने कुछ रुपए दे जाती थी, लेकिन काफी समय से वह भी नहीं आई थीं। इसके अलावा कृष्णानगर के डी-वन में विवेक शर्मा (35) नाम के एक शख्स का शव उसके घर से मिला। विवेक शर्मा कोरोना संक्रमित होने के बाद से घर से बाहर नहीं निकले थे।












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