विधान परिषद में सीएम योगी ने फिर उठाया 'अब्बाजान' का मुद्दा, निशाने पर रहे अखिलेश यादव
लखनऊ, 17 अगस्त: उत्तर प्रदेश में विधानमंडल के मानसून सत्र की कार्यवाही मंगलवार को शुरू हो गई। सत्र के पहले दिन जहां विधानसभा कल तक के लिए स्थगित हो गई वहीं दूसरी ओर विधान परिषद में हंगामा देखने को मिला। विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सीएम योगी विधान परिषद पहुंच गए। यहां उन्होंने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि अखिलेश यादव को 'अब्बाजन' शब्द से परहेज क्यों है? पता नहीं उन्हें अब्बाजान शब्द क्यों गलत लगता है। बता दें, अखिलेश ने कुछ दिनों पहले अब्बाजन शब्द को लेकर सीएम योगी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि सीएम को अपनी मार्यादा में रहकर ही बोलना चाहिए, नहीं तो मैं भी उनके पिता के लिए कुछ कह दूंगा।
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सीएम योगी के इस बयान के बाद ही सदन के भीतर मौजूद सपा के सदस्यों ने दोबारा हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच ही सीएम ने कहा कि सरकार जनता के हितों के लिए जो कदम उठा रही है वो विपक्ष को दिखाई नहीं दे रहा है। उनको हर अच्छे काम से परहेज है। यह तो उनकी पुरानी आदत और स्वभाव भी है। योगी ने कहा एक कार्यक्रम के दौरान अब्बाजान शब्द का इस्तेमाल किया था, लेकिन इसपर भी कुछ लोगों को बुरा लग गया। यह तो अच्छा शब्द ही माना जाता है।
क्या है 'अब्बाजान' का विवाद ?
दअरसल, कुछ दिनों पहले लखनऊ में एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी ने अखिलेश के पिता और पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव को अब्बाजान कहकर संबोधित कर दिया था। दरअसल, इस कार्यक्रम में अखिलेश ने अपने बयान में कहा था कि वह भाजपा वालों से बड़े हिन्दू हैं। नेताजी तो हनुमान जी की पूजा काफी समय से करते आ रहे हैं। इसी कार्यक्रम में बाद में शामिल हुए योगी ने अखिलेश के हिन्दू वाले बयान पर पलटवार किया था। योगी ने तब कहा था कि उनके अब्बाजान (मुलायम सिंह यादव) तो कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। सपा वालों ने पहले राम मंदिर की बात स्वीकार नहीं की और रामभक्तों पर गोली चलवायी थी। योगी के इस बयान के बाद ही अखिलेश ने उन्हें मर्यादा में रहकर बोलने की नसीहत दी थी।
बुधवार को अनुपूरक बजट पेश करेगी सरकार
सदन में बुधवार को योगी आदित्यनाथ की सरकार अपना बजट पेश करेगी। योगी सरकार का यह बजट विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। इस बजट पर गुरुवार को चर्चा होगी। माना जा रहा है कि चुनावी साल में योगी सरकार पार्टी के संकल्प पत्र के अधूरे वादों को पूरा करने के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकती है। हालांकि यह माना जा हरा है कि बुधवार के बाद दोनों सदन अनिश्चत काल के लिए स्थगित हो जाएंगे।












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