'जिन्ना' पर बयान देकर चौतरफा घिरे अखिलेश, CM योगी बोले- सपा प्रमुख को जनता से मांगनी चाहिए माफी
लखनऊ, 01 नवंबर: यूपी के हरदोई में जिन्ना को लेकर दिए गए बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव चौतरफा घिर गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा प्रमुख मायावती से लेकर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव पर हमला बोला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिलेश को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

'कुछ लोग अपनी विभाजनकारी मानसिकता से बाज नहीं आ रहे हैं'
हरियाणा के बल्लभगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग अपनी विभाजनकारी मानसिकता से बाज नहीं आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष का बयान इसी बात को प्रदर्शित करता है। जिन्ना के महिमामंडन के लिए उनको देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा, ''अगर मोदी जी 2014 में पीएम नहीं बनते तो चीन, पाक भारत को अपनी आंखें दिखाते रहते... पहले जिन्ना समर्थकों ने रामभक्तों पर गोलियां चलाईं और अगर वे फिर आएंगे तो फिर करेंगे। लेकिन अब आतंकवादियों, देशद्रोहियों पर गोलियां चलाई जाती हैं।

मायावती ने अखिलेश यादव पर बोला हमला
बीएसपी मुखिया मायावती की प्रतिक्रिया सामने आई है। मायावती ने सोमवार को ट्वीट में लिखा, ''सपा मुखिया द्वारा जिन्ना को लेकर कल हरदोई में दिया गया बयान व उसे लपक कर भाजपा की प्रतिक्रिया यह इन दोनों पार्टियों की अन्दरुनी मिलीभगत व इनकी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है ताकि यहाँ यूपी विधानसभा आमचुनाव में माहौल को किसी भी प्रकार से हिन्दू-मुस्लिम करके खराब किया जाए।'' मायावती ने अपने अगले ट्वीट में कहा, ''सपा व भाजपा की राजनीति एक-दूसरे के पोषक व पूरक रही है। इन दोनों पार्टियों की सोच जातिवादी व साम्प्रदायिक होने के कारण इनका आस्तित्व एक-दूसरे पर आधारित रहा है। इसी कारण सपा जब सत्ता में होती है तो भाजपा मजबूत होती है जबकि बीएसपी जब सत्ता में रहती है तो भाजपा कमजोर।''

अखिलेश के बयान पर क्या बोले ओवैसी?
अखिलेश यादव के बयान पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''भारत के मुसलमान ने 1947 में फैसला कर लिया था कि वो पाकिस्तान नहीं जाएंगे। जिन्ना से हमारा कोई ताल्लुक नहीं है। अखिलेश यादव को ये समझना चाहिए कि वो ये बात करके सोच रहे हैं, कोई एक तबका इससे ख़ुश होगा तो वो गलत हैं।''

ये सरदार वल्लभभाई पटेल का अपमान है: सिद्धार्थ नाथ सिंह
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, ''अखिलेश यादव के मुंगेरी लाल के सपने खत्म होते जा रहे हैं तो इसलिए वे तुष्टीकरण के लिए जिन्ना को सरदार वल्लभभाई पटेल से जोड़ते हैं। ये सरदार वल्लभभाई पटेल का अपमान है।''












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