कानपुर और वाराणसी में भी तैनात होंगे पुलिस कमिश्नर, असीम अरुण और ए सतीश गणेश को मिली जिम्मेदारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव से पहले नोएडा और लखनऊ की ही तरह वाराणसी और कानपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू कर दिया गया है। कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद इस पर नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। सीनियर आईपीएस और इस समय डायल 112 की जिम्मेदारी संभाल रहे असीम अरुण कानपुर के पहले पुलिस कमिश्नर होंगे, जबकि ए सतीश गणेश वाराणसी के पहले पुलिस कमिश्नर होंगे। इससे पहले नोएडा और लखनऊ में कमिश्नरेट सिस्टम लागू है।

दोनों जिलों को दो-दो हिस्सों में बांटा गया
दोनों ही जिलों को दो-दो हिस्सों में बांट दिया गया है। वाराणसी में वाराणसी नगर और ग्रामीण और कानपुर में कानपुर नगर व कानपुर आउटर के रूप में बांटा गया है। कैबिनेट के निर्णय के बाद अब दोनों जिलों में पुलिस कमिश्नर की तैनाती की जा रही है। वाराणसी नगर में पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण में एसपी को कमान सौंपी जाएगी। इसी तरह कानपुर नगर में पुलिस कमिश्नर और कानपुर आउटर में एसपी को जिम्मेदारी दी जाएगी। जिलाधिकारी का दखल ग्रामीण क्षेत्रों में ही रहेगा। नगर क्षेत्र कमिश्नरेट में कानून व्यवस्था में जिलाधिकारी का दखल नहीं रहेगा।
यूपी में कमिश्नरेट की संख्या 4 हुई
अब प्रदेश में कमिश्नरेट की संख्या 4 हो गई है। साल 2020 में राजधानी लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था को लागू किया गया था। अब प्रदेश में कमिश्नरेट जिलों की संख्या में इजाफा किया गया है। कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद वाराणसी कमिश्नरी में 18 थाने होंगे, जबकि 10 थाने ग्रामीण के अंतर्गत आएंगे। कानपुर कमिश्नरी में 34 थाने होंगे, जबकि कानपुर आउटर में 11 थाने होंगे। बता दें, प्रदेश में कई आईपीएस अफसरों को नई तैनाती दी जा रही है, इसमें कानपुर और वाराणसी के कप्तान भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, वाराणसी में अब तक एसएसपी रहे अमित पाठक को गाजियाबाद में डीआईजी/एसएसपी पद पर भेजा जा रहा है। वहीं, कानपुर और वाराणसी में भी आईजी और डीआईजी रैंक के अफसरों के साथ एसपी रैंक के कई अफसरों की तैनाती लिस्ट तैयार हो रही है।












Click it and Unblock the Notifications