वर्चुअल रैली पर अखिलेश ने उठाया सवाल, कहा- भाजपा डिजिटल में ताकतवर, छोटे दलों का सहयोग करे चुनाव आयोग
लखनऊ, 8 जनवरी। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त सुरेश चंद्रा ने कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए 15 जनवरी तक रैली, पदयात्रा, साइकिल मार्च जैसे सार्वजनिक आयोजनों पर रोक रहेगी। चुनाव आयोग ने पार्टियों से डिजिटल माध्यम से प्रचार करने की अपील की है। इस पर समाजवादी पार्टी के मुखिया ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों में भाजपा का नेटवर्क बड़ा है जिसका उपयोग झूठ फैलाने में होता है। ऐसे में छोटी पार्टियां जिनके पास डिजिटल के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस और पैसा नहीं है, उनका सहयोग चुनाव आयोग को करना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी डिजिटल माध्यम में भी भाजपा का मुकाबला करने में सक्षम है, वो छोटी पार्टियों के लिए सहयोग मांग रहे हैं।
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अखिलेश यादव ने निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि डिजिटल माध्यम में भाजपा बहुत पहले से मजबूत है। झूठ फैलाने के लिए भाजपा ने डिजिटल का बड़ा इंफ्रस्ट्रक्चर बनाया है। डिजिटल में एड देने के लिए भाजपा पैसा भी बहा रही है। ऐसे में छोटे दलों को चुनाव आयोग सहयोग करे। न्यूज चैनल और क्षेत्रीय चैनलों में छोटे दलों को भाजपा के बराबर स्पेस मिले, फ्री में मिले, चुनाव आयोग को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। कहा कि समाजवादी पार्टी तो भाजपा का मुकाबला हर प्लेटफॉर्म पर करने को तैयार है लेकिन वर्चुअली जनता तक पहुंचने में छोटे दलों के पास इंफ्रास्ट्रक्चर और पैसा नहीं है। अगर चुनाव आयोग सहयोग नहीं करेगी तो छोटे दल पीछे रह जाएंगे।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता चुनाव की तारीखों का इंतजार कर रही थी और वो इस बार भाजपा का सफाया कर देगी। कहा कि समाजवादी पार्टी तो चुनाव आयोग के बनाए नियमों का पालन करेगी लेकिन पंचायत चुनाव में सत्ताधारी पार्टी भाजपा इन नियमों का पालन करती नहीं दिखी थी। पंचायत चुनाव में अधिकारी भाजपा के कार्यकर्ता बन गए थे। चुनाव आयोग को सुनिश्चित करना चाहिए कि सत्ताधारी पार्टी भी तय किए गए नियमों का पालन करे। सरकार मनमानी न कर पाए, इसकी निगरानी हो।












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