फेसबुक पर हुए प्यार, मिला धोखा, तो लड़की ने लिख डाली किताब
'कहानियां' हमारी भी, आपकी भी। सच्ची भी, झूठी भी। इश्क की कहानियां, बचपन की कहानियां। और कहानियां ही कहानियां। लेकिन आज हम बात कर रहे हैं सोशल मीडिया पर हुए इश्क की, इश्क से उपजे धोखे की। और धोखे से तैयार हुई एक लेखिका की। जो कि उत्तर प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव के कामों से खासा प्रभावित है।

लखनऊ की रहने वाली प्रतीक्षा चौहान ने सोशल मीडिया के जरिए हुए एक हादसे को किताब, जिसका नाम ''क्या है जिंदगी'' के रूप में पेश किया है। वन इंडिया ने उनके साथ खास बातचीत की।
इस बुक के माध्यम से आपने समाज के बीच क्या पेश करने की कोशिश की है?
ये स्टोरी है लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव की। सशक्त होने के तमाम तमगे जरूर दिखावे के लिए थमा दिए जाते हैं। लड़के-लड़कियों के बीच आज भी समानता को ये समाज नहीं स्वीकार कर पाया है। 12 बजे लड़कों को घूमने का अधिकार है, अगर लड़कियों को किसी जरूरी काम की वजह से भी बाहर अगर जाना पड़े तो वह गलत माना जाता है।
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दूसरी बात यह कि सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों का दुरुपयोग हो रहा है। फिर वो चाहे प्रोफाइल पिक्चर के जरिए हो या फिर पहले प्यार के झांसे में फंसाना और फिर धोखा देना।
लड़कियों को जज करने का नजरिया बदल गया है। कपड़ों से, मेकअप से, पर नेचर से क्यों नहीं जज किया जाता है। आम तौर पर यदि कोई लड़की मार्केट में शॉर्ट ड्रेसेज पहनकर निकलती है तो समाज का एक वर्ग उसे करैक्टरलेस बताने लगता है।
क्या आप उस हादसे के बारे में हमसे कुछ शेयर करना चाहेंगी?
फेसबुक पर एक लड़के ने मुझे रिक्वेस्ट भेजी। उसने फिर मैसेज करने शुरू किये। तो मैं भी सामान्य बातें करने लगी। लेकिन कुछ दिनों बाद उसने मुझे प्रपोज किया, सपने दिखाए कि वो मुझसे शादी करेगा। लेकिन फैमिली के सामने उसने कहा कि वो मुझे बहन मानता है। उस बीच कई चीजें सामने आईं कि उसकी शादी होने वाली थी। यहां तक कि वो जब अपनी मंगेतर से मुझे मिलाता तो उसे पीठ पीछे अपनी बहन कहता। और उसे मुझे अपनी बहन कहता। सच अजीब था सबकुछ।
उस हादसे के बाद आपकी फैमिली का आपके लिए रिएक्शन क्या था?
हां फैमिली को दुख हुआ। पर, मां से हमेशा सपोर्ट मिला। उन्होंने मुझे बहुत समझाया। और इन बातों को भुलाने में मेरी मदद की।
आप सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फैन है, आपको उनके क्या कार्य पसंद हैं?
महिलाओं के लिए अखिलेश सरकार लगातार काम कर रही है। जब समाचार पत्र या वेब पोर्टल देखती हूं तो कई खबरें देखती हूं कि इस दिन अखिलेश यादव ने इन महिलाओं को सम्मानित किया। आज महिलाओं के लिए ये किया। जिसे देखकर काफी खुशी मिलती है। उदाहरण के तौर पर 1090 वूमेन पॉवर हेल्प लाइन नंबर को ही ले लीजिए। महिलाओं को इससे काफी मदद मिलती है।

एसिड अटैक सर्वाइवर्स के बारे में भी आपने बताया कि इस किताब में लिखा है, क्या कहने का प्रयास किया गया है?
तेजाब कांड महिलाओं को अंदर तक यानि की भावनाओं को भी झुलसा देते हैं। उनके सामने सवाल खड़े कर देते हैं कि इस चेहरे के साथ वे कैसे खुद को समाज के बीच ले जाएंगी। लेकिन शीरोज कैफे एक ऐसा प्लेटफॉर्म ही कहें जिसके जरिए उन्हें समाज में पहचान मिली। सर्वाइवर्स के लिए किए गए इस प्रयास से आज हम सब उनके साथ खुशियां शेयर कर पा रहे हैं। उनसे मिल पा रहे हैं।
कभी आपको रास्ते में ऐसा लगा कि आप असुरक्षित हैं?
जी हां ऐसी कई परिस्थितियां मेरे सामने आई हैं। एक बार रात में मैं घर आ रही थी तो कुछ लड़के मुझे फॉलो कर रहे थे। तो मैंने स्कूटी धीमी कर ली। आगे जाकर वे लड़के रूक कर इंतजार करने लगे। लेकिन मैं जब वहां पहुंची तो गश्त लगा रही पुलिस को देखकर वे लड़के वहां से भाग निकले।
समाज को आप क्या मैसेज देना चाहेंगी?
मैं यही कहना चाहूंगी कि सोशल मीडिया पर काफी अलर्ट रहें। और जिंदगी को खुलकर जिएं। हां कोई ऐसा काम न करें कि आपके पैरेंट्स को दुख हो। कभी गल्तियों पर मौत जैसे कायराना विकल्प न तलाशें। गल्तियों को सुधारकर आगे बढ़ें।












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