ललितपुर: सरकारी गेहूं की खरीद में प्राइवेट कंपनी ने किया बड़ा घपला, 1000 बोरियों में बालू की मिलावट
ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जनपद में किसानों से गेहूं की सरकारी खरीद का ठेका लेने वाली एक निजी कंपनी ने बड़ा घोटाला किया है। एफसीआई के गोदाम तक पहुंचाने से पहले वेयर हाउस में उस निजी कंपनी ने गेहूं की जो बोरियां जमा कराई हैं उनमें भारी मात्रा में बालू की मिलावट मिली है। गोदाम में भेजने से पहले एफसीआई के अफसरों ने बोरियों में गेहूं की जांच की तो इस घोटाले का पता चला। वेयर हाउस में रखी एक हजार बोरियों में गेहूं के साथ बालू की मिलावट मिली। मामले की जानकारी जब डीएम को हुई तो उन्होंने निजी कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस मामले का संज्ञान लेकर श्रम व सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा है।

ललितपुर जनपद में किसानों से गेहूं की खरीद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी कंपनियों को भी ठेका दिया है। इसके तहत बजर्रा गांव में शिप्रा फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी को भी किसानों से 1920 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीद का ठेका मिला था। गेहूं को 1000 बोरियों में भरकर कंपनी ने अमरपुर मंडी स्थित वेयर हाउस में भेजा। एक बोरी में 50 किलो गेहूं था।

इन बोरियों को एफसीआई के गोदाम में ले जाने से पहले अधिकारियों ने इसकी जांच की तो सभी में गेहूं और बालू की मिलावट मिली। जिले के डीएम योगेश कुमार शुक्ल तक इस घोटाले की जानकारी पहुंची तो उन्होंने वेयर हाउस में उपजिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज को जांच के लिए भेजा।

उपजिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज ने भी बोरियों की जांच की और बालू की मिलावट के बारे में डीएम को बताया। इसके बाद बोरियों से मिलावट के नमूने लेकर आगे जांच के लिए भेज दिया गया और एफसआई के अधिकारियों ने सभी बोरियों को कब्जे में लेकर सील कर दिया। डीएम ने किसानों से गेहूं की खरीद में घपला करने वाली शिप्रा फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी के खिलाफ आगे कार्रवाई करने को कहा है।












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