'कौन सी ट्रेन है जो 10 मिनट में लखीमपुर से लखनऊ पहुंचा देगी', अस्पताल में पिता की मौत पर फूटा मासूम का गुस्सा
lakhimpur kheri news: मरीज की मौत पर परिजनों ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। 14 वर्षीय बेटे ने पूछा, 'ऐसी कौन सी ट्रेन हैं जो 10 मिनट में लखीमपुर से लखनऊ पहुंचा देगी।'

lakhimpur kheri news: लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की 17 मार्च को मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। इस दौरान मृतक के 14 वर्षीय बेटे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उसने डॉक्टरों से सवाल किया है कि ऐसी कौन सी ट्रेन है जो 10 मिनट में लखीमपुर से लखनऊ पहुंचा देगी। मासूम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग यूजर्स के निशाने पर आ गया है।
सोशल मीडिया पर जो वीडिया वायरल हुआ है वह 38 सेकंड का है। इस वीडियो को पत्रकार शिवम भाटी ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है। जानकारी के मुताबिक, लखीमपुर खीरी के ओयल इलाके के रहने वाले 54 वर्षीय रामचंदर पांडे की गुरुवार को तबीयत खराब हो गई थी। जिसके बाद उन्हें एमसीएच विंग स्थित जिला अस्पातल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि रामचंदर का बीपी लो होने के चलते इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने इलाज किया था।
हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल के तीसरी मंजिल पर आइसोलेशन वार्ड के बेड नंबर 23 पर भर्ती किया गया। लेकिन, रात में भर्ती होने के बाद से अगले दिन दोपहर एक बजे तक कोई भी डॉक्टर चेकअप करने ही नहीं पहुंचा। जिससे उनकी हालत बिगड़ती गई। जब ज्यादा स्थिति बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने उन्हें रेफर के लिए कहा। आरोप है कि डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ ले जाने की सलाह दी। लेकिन, 10 मिनट बाद ही 54 वर्षीय रामचंदर पांडे ने दम तोड़ दिया।
पिता की मौत पर फूटा मासूम का गुस्सा
पिता रामचंदर पांडे की मौत पर 14 वर्षीय आदर्श पांडे का गुस्सा सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर फूट पड़ा। कैमरे के सामने रोते हुए आदर्श ने बताया कि उसके पिता की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के चलते हुई है। कहा कि मेरे पापा रात दो बजे से जब से भर्ती हुए तब से कोई भी डॉक्टर झांकने तक नहीं आया। मौत के दस मिनट पूर्व हम लोगों से कहा गया कि दस मिनट में इन्हें लखनऊ ले जाओ। लेकिन ऐसी कौन सी ट्रैन है जो कि पिता को 10 मिनट में लखनऊ पहुंचा देती।
क्या कहा स्टाफ ने
वहीं, आइसोलेशन वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स ने बताया कि जो भी दवा डॉक्टर ने लिखी थी वह लगाई गई थी। शुक्रवार को एक बजे ही रेफर कर दिया गया था। लेकिन, परिजन नहीं ले गए, जिससे मरीज की मौत हो गई।












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