राकेश टिकैत ने मांगा केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का इस्तीफा, कहा- नहीं तो यहां से करेंगे आंदोलन की घोषणा
राकेश टिकैत ने मांगा केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का इस्तीफा, कहा- नहीं तो यहां से करेंगे आंदोलन की घोषणा
लखीमपुर खीरी, 12 अक्टूबर: तिकुनिया में किसानों की आत्म शांति के लिए अंतिम अरदास (श्रद्धांजलि सभा) का कार्यक्रम जारी है। किसानों को श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी लखीमपुर पहुंच गए। दोनों नेता यहां 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में मारे गए चार किसान समेत आठ लोगों की श्रद्धांजलि देंगे। इस बीच रालोद नेता जयंत चौधरी भी लखीमपुर पहुंच गए है।

श्रद्धांजलि सभा में न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करत हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी इस्तीफा दें। अगर वो इस्तीफा नहीं देते है यहां (श्रद्धाजलि सभा) से आंदोलन की घोषणा करेंगे। टिकैत ने कहा, लखनऊ में बड़ी पंचायत होगी और देश के हर जिले में अस्थि कलश जाएंगे और श्रद्धांजलि देंगे। लोग 24 अक्टूबर को अस्थि कलश को प्रवाहित करेंगे। इस दौरान टिकैत ने टीवी 9 से बातचीत में कहा कि ये अरदास किसानों की आत्मा की शांति के लिए रखी गई है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
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राकेश टिकैत ने कहा, 'किसान अपनी मांग पर कायम हैं कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी को गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि उनकी बर्खास्तगी के बिना ये जांच सही से नहीं हो पाएगी' उन्होंने आगे कहा कि मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी एक 'रेड कार्पेट' गिरफ़्तारी है। अगर मंत्री को तुरंत नहीं हटाया जाता है तो ये आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा। कहा कि हम शहीद जवानों के घर भी जाएंगे, किसानों के साथ-साथ सभी को जवानों के घर भी जाना चाहिए और हम पहले भी जाते रहे हैं। जवान भी किसानों के ही बेटे हैं।
किसानों की अंतिम अरदास को देखते हुए सरकार भी लखीमपुर खीरी सहित पूरे पश्चिमी यूपी में अलर्ट मोड में है। प्रदेश सरकार को डर है कि उनकी एक चूक से पश्चिमी यूपी का माहौल बिगड़ सकता है। इसीलिए किसी तरह की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पश्चिमी यूपी में 20 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया है। तो वहीं, लखीमपुर जा रहे राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी को बरेली जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट पर रोक दिया। हालांकि, थोड़ी देरा बाद जयंत चौधरी को लखीमपुर जाने की इजाजत मिल गई। बता दें, जयंत चौधरी लखीमपुर खीरी पहुंच गए है और किसान के अंतिम अरदास में शामिल हुए।












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