कोटा में दर्दनाक हादसा : घर पर झूले में सो रहे सात माह के बच्चे को श्वान ने नोंच डाला
कोटा, 3 जनवरी। राजस्थान की शिक्षानगरी कोटा की रेलवे कॉलोनी पुलिस थाना इलाके में दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां पर एक घर में झूले में सो रहे सात माह के बच्चे को श्वान ने नोंच डाला। बच्चे को कोटा जेकेलोन अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है। श्वान के काटने से उसके गुप्तांग के आगे के हिस्से पर जख्म हो गया।

कोटा की स्टेशन पुरोहित जी की टापरी इलाके के रहने वाले मुकेश कालबेलिया ने बताया कि गुरुवार को वो गाय व भैंस का दूध निकाल रहे थे। पत्नी रसोई में खाना बना रही थी। 7 महीने का सबसे छोटा बेटा दिलराज आंगन में झूले में सो रहा था।
इसी दौरान बड़ा बेटा बाहर से खेलकर घर में आया। उसने दरवाजा नहीं लगाया। दरवाजा खुला देख एक कुत्ता अंदर घुस गया। कुत्ते ने अपने दांतों से कपड़े के झूले को फाड़ दिया। फिर बच्चे पर हमला कर दिया। दिलराज की पेंट फाड़ दी। उसका गुप्तांग चबा लिया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वो दौड़कर आए। कुत्ते को भगाया। बच्चे को अस्पताल लेकर आए।
कोटा शहर में डॉग बाइटिंग का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल नवंबर महीने में बजरंग नगर इलाके में श्रीराम भरतविहार कॉलोनी में 10 साल की मासूम पर आवारा श्वानों ने हमला कर दिया था।
भागते से समय बच्ची सड़क पर गिर गई। श्वानों ने उसे पैर पर काट लिया। चिल्लाने पर आसपास के लोग पहुंचे। श्वान भाग गए। बच्ची को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया। और रेबीज के इंजेक्शन लगवाए गए। श्वानों के हमले की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना गली में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई थी।
जेकेलोन अस्पताल उपाधीक्षक व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गोपी किशन ने बताया कि डॉग बाइटिंग के 24 घंटे के भीतर एंटी रेबीज वैक्सीन व रेबीज इम्यूनोग्लॉबिन लगाई जाती है। समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन व रेबीज इम्यूनोग्लॉबिन लगने पूरी तरह सेफ्टी रहती है। वैसे बच्चे की स्थिति पहले से बेहतर है। सर्जन की मानें तो समय के साथ जख्म भी भर जाएगा।












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