Pulwama attack anniversary: शहीद हेमराज मीणा की वीरांगना 4 साल बाद भूख हड़ताल को मजबूर क्यों?
Pulwama attack anniversary 2023: पुलवामा हमले में शहीद हेमराज मीणा राजस्थान के कोटा जिले के सांगोद के रहने वाले थे। चार साल से उनकी प्रतिमा नहीं लगने पर वीरांगना मधुबाला मीणा ने भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।

Pulwama attack 4th Anniversary: पुलवामा हमले की चौथी बरसी 14 फरवरी 2023 को है। देशभर में सीआरपीएफ के उन 40 अमर जवानों को याद किया जाएगा जिन्होंने पुलवामा हमला 2019 में शहादत दी थी। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में राजस्थान ने भी पांच बहादुर बेटे खो दिए थे। उन्हीं में से एक शहीद की वीरांगना भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर है।

शहीद हेमराज मीणा की वीरांगना मधुबाला मीणा
हम बात कर रहे हैं राजस्थान के कोटा जिले के सांगोद निवासी शहीद हेमराज मीणा की वीरांगना मधुबाला मीणा की। मीडिया से बातचीत में मधुबाला मीणा ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया कि शहादत के चार साल बाद भी पति की प्रतिमा नहीं लगाई गई। अब प्रतिमा लगवाने के लिए वे भूख हड़ताल पर बैठेंगीं।
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तीन मंत्रियों ने की थी प्रतिमा की घोषणा
रविवार को पत्रकारों से बातचीत में वीरांगना मधुबाला मीणा ने कहा कि मेरे पति के बलिदान पर राजनीति की जा रही है। पुलवाला हमले के बाद राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के तीन मंत्रियों ने कोटा सांगोद के अदालत चौराहे पर शहीद प्रतिमा लगाने की घोषणा की थी, जो अभी भी अधूरी है। मजबूरन अब भूख हड़ताल पर बैठना पड़ेगा।
कोटा जिला कलेक्टर ने तो शहीद हेमराज मीणा की प्रतिमा सांगोद के अदालत चौराहे पर लगाने के आदेश जारी कर दिए। जिन पर नगर पालिका ने 13.51 लाख रुपए का तकमीना तैयार कर शहीद सर्कल का ले-आउट प्लान पास कर ई-निविदा भी जारी कर दी, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक नहीं हुआ है।विधायक ने साध रखी चुप्पी
वीरांगना मधुबाला मीणा की मानें तो सांगोद के प्रस्तावित सर्कल स्थल पर गांव के प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर रखा है। प्रशासन उनका अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा। इस मामले में तो विधायक भरतसिंह ने भी चुप्पी साध रखी है।

पुलवामा हमले में राजस्थान के शहीद
- भागीरथ कसाना, राजाखेड़ा धौलपुर
- हेमराज मीणा, सांगोद कोटा
- रोहिताश लांबा, शाहपुरा जयपुर
- नारायण लाल गुर्जर, बिनोल राजसमंद
- जीतराम गुर्जर, सुंदरावली भरतपुर

कैसे हुआ था पुलवामा हमला 2019?
14 फरवरी 2019 को जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 78 बसों में सवार होकर सीआरपीएफ के 2500 जवानों का काफिला गुजर रहा था। पुलवामा में सामने से आ रही एक एसयूवी जवानों के काफिले की बसों से टकराई और फिर विस्फोट हुआ। जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।
CRPF जवानों का यह काफिला जम्मू स्थित चेनानी रामा ट्रांसिट कैंप से श्रीनगर के लिए निकला था। 320 किलोमीटर की दूरी तय करके जवानों को श्रीनगर के बख्शाी स्टेडियम स्थित ट्रांसिट कैंप में पहुंचना था। पुलवामा हमले का बदले लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयरस्ट्राइक की थी।












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