पेंशन और ग्रेच्युटी खोने का डर दिखाकर अलपन बंधोपाध्याय पर दवाब बनाने की कोशिश कर रहा केंद्र- टीएमसी

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की है।

कोलकाता, 22 जून। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की है और चक्रवात यास के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक से लापता होने के लिए उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना बचाव प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने अलपन बंद्योपाध्याय को सूचित किया है कि केंद्र सरकार ने अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत उनके खिलाफ बड़ी जुर्माना कार्यवाही करने का प्रस्ताव रखा है और यदि वह 30 दिन के भीतर अपना जबाव नहीं देते हैं तो इस स्थिति में जांच प्राधिकारी उसके खिलाफ एकतरफा जांच कर सकता है।

केंद्र सरकार के इस आदेश के बाद मोदी सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच अलपन बंधोपाध्याय को लेकर विवाद काफी गर्मा गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र के इस फैसले को राजनीतिक उद्देश्यों और व्यक्तिगत प्रतिशोध से प्रेरित फैसला बताया है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय केंद्र सरकार के इस फैसले पर कहा कि यह नियमों के खिलाफ प्रतिशोधी कार्रवाई है। अलपन बंधोपाध्याय एक सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और अब वह भारत सरकार के नियमों से बंधे नहीं हैं। वे यह बताकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह अपनी पेंशन और ग्रेच्युटी खो सकते हैं। यह एक घटिया कदम है।

Saugata Roy

बता दें कि बंधोपाध्याय अब अपने पद से रिटायर हो चुके हैं और उन्हें जो नोटिस भेजा गया है उसमें उन्‍हें स‍ूचित किया गया है कि उनके खिलाफ ऑल इंडिया सर्विसेज रूल्‍स (डिसिप्‍ल‍िन ऐंड अपील) 1969 के नियम 8 और ऑल इंडिया सर्विसेज रूल्‍स (डेथ कम रिटायरमेंट बेनेफिट्स) 1958 के नियम 6 के तहत कार्रवाई प्रस्‍ताव‍ित है। यह नियम सरकार को दोषी अफसर की पेंशन या ग्रेच्‍युटी या दोनों को आंशिक या पूरे तौर पर स्‍थाई या कुछ समय के लिए रोकने की ताकत देता है।

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बता दें कि अलपन बंधोपाध्याय को बंगाल के चीफ सेक्रेटरी के तौर पर तीन माह का एक्सटेंशन दिया था, लेकिन इसके चार दिन बाद ही उन्हें 31 मई को दिल्ली रिपोर्ट करने और वहां ड्यूटी करने के लिए कहा गया। लेकिन बंगाल सरकार ने उन्हें दिल्ली जाने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद उन्होंने एक्टेंशन न लेते हुए रिटायरमेंट ले लिया। इसके बाद बंगाल सरकार ने उन्हें तीन साल के लिए सीएम ममता बनर्जी का मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया।

ममता बनर्जी कर चुकी हैं बंधोपाध्याय का बचाव
अलपन बंधोपाध्याय पर लगे आरोपों पर ममता बनर्जी का कहना है कि बंधोपाध्याय पीएम मोदी की रिव्यू मीटिंग में खराब मौसम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की देर से मिली अनुमति के कारण नहीं पहुंच सके। वहीं ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि अलपन बंधोपाध्याय के खिलाफ जो भी कदम उठाए जा रहे हैं वो कहीं न कहीं बदले की भावना से प्रेरित लगते हैं।

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