नारदा स्कैम: टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी पर कलकत्ता हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में क्या बोले चीफ जस्टिस, जानें
नारदा स्कैम मामले में टीएमसी के चार वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी मामले में आज कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई चली। कलकत्ता हाई कोर्ट में 5 जजों की बैंच ने इस मामले पर सुनवाई की।
कोलकाता, 24 मई। नारदा स्कैम मामले में टीएमसी के चार वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी मामले में आज कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई चली। कलकत्ता हाई कोर्ट में 5 जजों की बैंच ने इस मामले पर सुनवाई की। नारदा स्कैम मामले में आज की सुनवाई पूरी हो चुकी है। आज की सुनवाई खत्म करते हुए मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने कहा कि इस मामले की सुनवाई परसों तक चलेगी।

इससे पहले सीबीआई ने नारदा स्कैम मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने कहा था कि चारों नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई को जब तक के लिए टाल दिया जाए तब तक सुप्रीम कोर्ट चारों नेताओं की घर में नजरबंदी वाले हाई कोर्ट के आदेश पर कोई फैसला नहीं दे देती।
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क्या कहा था हाई कोर्ट ने
आपको बता दें कि नारदा स्कैम मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए चारों नेताओं को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा था कि अगले आदेश तक चारों को जेल की बजाये घर में ही नजरबंद रखा जाए। हाई कोर्ट के इस आदेश को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी थी कि चारों नेता बहुत शक्तिशाली हैं और वे गवाओं को डराने की कोशिश कर सकते हैं। गिरफ्तार किए गए चार नेताओं में मंत्री फिरहाद हकीम, विधायक मदन मित्रा और टीएमसी के पूर्व नेता सोवन चटर्जी शामिल हैं, जिन्होंने भाजपा में शामिल होने के लिए मार्च में टीएमसी से इस्तीफा दे दिया था।
गौरतलब है कि सीबीआई पिछले हफ्ते चारों नेताओं को उनके घर से उठाकर दफ्तर ले गई थी और लंबी पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। सीबीआई के फैसले को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने उनकी जमानत पर रोक लगा दी थी।
क्या था नारदा स्कैम
साल 2014 में एक स्टिंग ऑपरेशन हुआ था, जिसमें पश्चिम बंगाल में निवेश के नाम पर टीएमसी के सात सांसदों, चार मंत्रियों, एक विधायक और एक पुलिस अधिकारी को एक प्रोजेक्ट के लिए नगद रुपए लेते दिखाया गया था। पश्चिम बंगाल के 2016 विधानसभा चुनाव से पहले न्यूज पोर्टल नारदा ने स्टिंग का वीडियो जारी किया था।












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