Pooja Pal: चायल सीट से पूजा पाल पर सपा ने खेला दांव, पति के मर्डर के बाद संभाली थी राजनीतिक विरासत

Pooja Pal: चायल सीट से पूजा पाल पर सपा ने खेला दांव, पति के मर्डर के बाद संभाली थी राजनीतिक विरासत

कौशांबी, 28 जनवरी: समाजवादी पार्टी ने 27 जनवरी को यूपी चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी। इस लिस्ट में पार्टी ने 56 और उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। सपा ने कौशांबी जिले की चायल सीट पर पूर्व विधायक व दिवांगत राजू पाल की पत्नी पूजा पाल को उम्मीदवार घोषित किया है। पूजा पाल का नाम उनके पति इलाहाबाद शहर पश्चिमी के बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के बाद चर्चित हुआ था। पूजा बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं और पति के मर्डर के बाद राजनीतिक विरासत को संभाला था। आइए जानते है पूजा पाल के बारे में...।

कौन हैं पूजा पाल

कौन हैं पूजा पाल

पूजा पाल, बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता पंचर की दुकान चलाया करते थे। खुद पूजा कभी किसी अस्पताल में तो कभी किसी दफ्तर, कभी किसी के घर में झाड़ू-पोंछा करके अपना गुजारा करती थीं। अस्पताल में ही उनकी मुलाकात राजू पाल से हुई थी। दोनों के बीच प्यार हुआ और फिर विधायक बनने के बाद राजू पाल ने पूजा से शादी कर ली। लेकिन पूजा की नियति को कुछ और ही मंजूर था। शादी के महज 9 दिन बाद 25 जनवरी 2005 को ही पूजा पाल का सुहाग उजड़ गया।

साल 2005 में राजू पाल को गोलियों से भून डाला गया था

साल 2005 में राजू पाल को गोलियों से भून डाला गया था

25 जनवरी 2005 में बीएसपी विधायक राजू पाल को दिनदहाड़े गोलियों से भून डाला गया था। इन मर्डर ने पूरे शहर को हिंसा की आग में झोंक दिया था। राजू पाल की हत्या का आरोप अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ पर लगा था। इस मामले में मुकदमा अब भी लंबित है और मौजूदा समय में अतीक अहमद अहमदाबाद जेल में तो अशरफ बरेली जेल में बंद है।

अशरफ की हार बनी थी राजू पाल की हत्या का कारण

अशरफ की हार बनी थी राजू पाल की हत्या का कारण

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि राजू पाल की हत्या का कारण अशरफ की हार बनी थी। दरअसल, 2004 में शहर पश्चिमी से विधायक अतीक अहमद फूलपुर से सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे तो यह सीट खाली हो गई थी। इस सीट पर उप-चुनाव हुआ, उपचुनाव में राजू पाल ने बाहुबली अतीक अहमद के भाई अशरफ को हराकर सनसनी फैला दी थी। क्योंकि उस वक्त लोग अतीक के नाम से ही थरथराते थे। कोई आवाज नहीं उठा सकता था अतीक के खिलाफ, लेकिन राजू ने तो उनको भारी पराजय दे डाली। इस चुनावी जीत के कुछ ही महीने बाद राजू पाल के काफिले को सुलेम सराय में जीटी रोड पर रोककर गोलियों की बौछार की गई। जिसमें राजू पाल समेत तीन लोग मारे गए थे।

पति राजू पाल के मर्डर के पूजा ने संभाली थी राजनीतिक विरासत

पति राजू पाल के मर्डर के पूजा ने संभाली थी राजनीतिक विरासत

राजू पाल की हत्या के बाद उनकी राजनीतिक विरासत पत्नी पूजा पाल ने संभाली। मायावती ने खुद प्रयागराज पहुंच पूजा पाल को बसपा से विधानसभा का टिकट सौंपा था। पूजा पाल दो बार बसपा से विधायक रहीं। उसके बाद 2017 में पूजा बसपा से समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं। अखिलेश यादव ने भी उनपर विश्वास जताया और 2019 में लोकसभा का टिकट सौंपा था। एक बार फिर पूजा पाल चायल सीट से समाजवादी पार्टी के टिकल पर विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही हैं।

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