MP assembly election: कटनी की 4 सीटों पर फिर 'कमल' खिलने का दावा, MLA संजय पाठक इस शर्त पर लड़ेंगे चुनाव
MP assembly election: मध्य प्रदेश का कटनी जिला की राजनीति वक्त के हिसाब से बदलती रही। प्रत्याशियों के चेहरे बदलने के साथ पार्टी बदलने की परंपरा भी रही। चार सीटों में से बड़वारा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी ने धीरेन्द्र सिंह को टिकट दिया हैं। अन्य तीन सीट मुड़वारा, बहोरबन्द और विजयराघवगढ़ की घोषणा बाकी हैं।
बीजेपी द्वारा मध्य प्रदेश की 39 सीटों के लिए घोषित हुए प्रत्याशियों में कटनी बड़वारा का सस्पेंस सबसे पहले खत्म हुआ। यहां से पार्टी ने धीरेन्द्र सिंह पर दांव खेला है और टिकट दिया। हालांकि टिकट पाने की कतार में कई और चहरे भी थे। लेकिन उन्हें इस बार धीरेंद्र को जिताने के लिए ही काम करना पड़ेगा।
जिला बनने के पहले कटनी, जबलपुर में शामिल था। पर बीते दो दशक में यहां की सियासत और जनता की नब्ज दोनों में बदलाव नजर आया हैं। प्रमुख रूप से औद्योगिक क्षेत्र से घिरे इस जिले में विकास तो हुआ, लेकिन मौजूदा दौर में अभी उतनी हैसियत नहीं कि इतनी ही आबादी वाले दूसरे जिलों से कटनी मुकाबला कर सके।

फिर भी शिवराज सरकार के राज में बहुत कुछ बदला हैं। कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए कद्दावर नेता और विजयराघवगढ़ से विधायक संजय पाठक की भूमिका भी अहम हैं। एक तरह से जिले की चारों सीटों की बीजेपी की राजनीति आज संजय पाठक के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। इस बार पाठक ने चुनाव लड़ने के पहले अलग तरह की शर्त रखी।
कटनी विजयराघवगढ़ सीट
पूर्व मंत्री संजय पाठक ने कहा है कि वह अपनी विधानसभा क्षेत्र में जनता का अभिमत लेंगे। इसके लिए वह अपने स्तर पर पांच दिनों तक क्षेत्र में मतदान कराएंगे। क्षेत्र की जनता द्वारा यदि उन्हें 50 फीसदी से अधिक वोट प्राप्त हुए तो वह चुनाव लड़ेंगे। यदि उससे कम मत हासिल हुए तो वह टिकट की दावेदारी से खुद को अलग कर लेंगे। पाठक का कहना कि लोकतंत्र के इतिहास में यह पहली बार होगा, जब जनता की पसंद के आधार पर कोई चुनाव लड़ने का फैसला करेगा।
पिता की विरासत की सुरक्षा का संकल्प
पाठक कहते है कि वह अपने स्व. पिता पूर्व मंत्री सत्येन्द्र पाठक की राजनीतिक विरासत और भाव की सुरक्षा करना चाहता हूं। सेवा भावी होने का गुण 'बाबू जी' की सीख से ही मिला। इसलिए वह अपनी क्षेत्र की जनता को परिवार का हिस्सा मानते हैं। अपने लिए तो हर इंसान जीता है, लेकिन दूसरों के लिए जीना, वो समर्पित भाव के साथ, वही असली जिंदगी हैं।
कटनी मुड़वारा विधानसभा सीट
कटनी जिले की मुड़वारा विधानसभा सीट इंडस्ट्रियल एरिया से घिरी हैं। यहां काम करने वाले अधिकांश लोगों की जीविका का सहारा क्षेत्र के उद्योग ही हैं। 2013 फिर 2018 में भाजपा से संदीप जायसवाल जीते। संदीप कहते है कि प्रदेश सरकार की योजनाओं को इस बार डोर टू डोर लोगों को लाभ दिलाने का संकल्प है, ताकि लोगो के जीवन मे परिवर्तन लाया जा सके। शिवराज सरकार ने इस क्षेत्र में विकास की गंगा बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रेलवे स्टेशन से लेकर फ्लाई ओवर ब्रिज, इनडोर स्टेडियम, ट्रांसपोर्ट नगर समेत कई सौगाते मिली।
कटनी बहोरबंद सीट
जबलपुर की सिहोरा तहसील से लगी कटनी की बहोरबंद विधानसभा हैं। यहां से वर्तमान में भाजपा से प्रणय पांडे विधायक हैं। किसानों से जुड़ी समस्याएं यहां मुंह बाए खड़ी रहती थी, लेकिन बीजेपी सरकार ने पानी से लेकर किसानों को वक्त पर खाद, बीज मुहैया करवाकर मिसाल कायम की। यहां आज घर नल जल योजना के तहत भरपूर पेयजल सप्लाई हो रही हैं। एमएलए पांडे का दावा है कि बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वकांक्षी योजनाओं के बलबूते इस बार फिर 'कमल' खिलेगा।
संवाद सूत्र- सत्येंद्र गौतम, कटनी, मध्यप्रदेश












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