सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला भगोड़ा जवान गिरफ्तार
कानपुर। यूपी एसटीएफ की कानपुर यूनिट ने भारतीय सेना में भर्ती कराने की आड़ में युवकों को ठगने वाले एक भगोड़े जवान को गिरफ्तार किया है। आर्मी का भगोड़ा आलोक कुमार अवस्थी अब तक तकरीबन 150 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपए ठग चुका है। आलोक कुमार अवस्थी के पास से एक फर्जी परिचय पत्र मिला है, जिसपर उसका पद जूनियर कमीशन अधिकारी लिखा है। यह परिचय पत्र 8 जून 2010 को मद्रास इंजीनियर ग्रुप सेंटर द्वारा एसपीआर पोस्ट के लिए जारी किया गया है, जिसपर अभियुक्त आलोक कुमार अवस्थी का फोटो लगा है। कैंटीन स्मार्ट कार्ड (लिकर कार्ड), एक सादी चेक, पैनकार्ड और ठगी गई रकम से खरीदी मारुति वैगनआर कार भी बरामद हुई है।

गिरोह बनाकर करता था काम
एसटीएफ ने आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी जूनियर कमीशन अधिकारी (भगोड़े फौजी) को कानपुर नगर के कैंट थाना एरिया में सर्किट हाऊस तिरहे के पास से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ का दावा है कि अलोक गिरोह बनाकर काम करता है और जल्दी ही उसके बाकी साथी भी गिरफ्त में होंगे। ये भगोड़ा जवान खुद को आर्मी का जूनियर कमीशन अधिकारी बताकर अपने रिश्तेदारों व दोस्तों के माध्यम सम्पर्क में आए लोगों को अपना फर्जी परिचय पत्र व कैंटीन स्मार्ट कार्ड दिखाता था। उसने अपने व्हाट्सऐप पर कुछ फर्जी नम्बर डाल रखे थे, जिन्हें वो सेना के बड़े अधिकारियों के बताकर लोगों को उंची पहुंच का झांसा देता था और उन्हें भर्ती कराने के नाम पर पैसे ऐंठता था।

बेरोजगारों को आर्मी कैंटीन से दिलाता था शराब
बेरोजगार युवकों को यकीन दिलाने के लिए वो अपने लिकर कार्ड से उन्हें आर्मी कैंटीन से शराब दिलाता था। जब लोग उसके झांसे में आ जाते थे, तब उनको या उनके परिवार वालों की नौकरी इंडियन आर्मी में लगवाने का झांसा देता था। लोग नौकरी के लालच में आकर उसको तीन लाख से पांच लाख रुपए देने को तैयार हो जाते थे। अलोक कुछ लोगों से अपने अकाउंट में व कुछ लोगों से नगद रुपए लेता था।
उन्नाव में बनवा रहा था मकान, एक करोड़ लगा चुका
एसएसपी कानपुर नगर अनंत देव तिवारी ने बताया कि नौकरी लगवाने की बात अक्सर इंटरनेट से ही करता था। इसके द्वारा उत्तराखंड, मध्य्प्रदेश, बिहार के काफी लोगो से ठगी की गई है। लगभग 150 लोगों से ठगी की बात स्वीकार की गई है। इनमें से एक दर्जन लोगों के नाम और उनसे लिए गए पैसों की सूची एसटीएफ ने जुटा ली है। आलोक ठगी के रुपयों से अपने गांव उन्नाव में मकान बनवा रहा है, जिसमें अबतक लगभग एक करोड़ रुपए लगा चुका है। मारुति वैगनआर भी इसी ठगी के रुपए से खरीदी गई है। एसटीएफ भगोड़े जवान के ठगी कारनामों की सूचना रक्षा विभाग को भेज रही है।












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