rotomac कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी का निधन, कानपुर के घर में ली अंतिम सांस
कानपुर, 04 जनवरी: रोटोमैक ग्रुप के प्रबंध निदेशक विक्रम कोठारी का मंगलवार सुबह कानपुर में निधन हो गया। घर में काम करने वाले नौकरों ने उनके निधन की सूचना सबसे पहले लखनऊ में पत्नी और बेटे को दी। इसके बाद शहर में रहने वाले रिश्तेदारों का घर पर आना शुरू हो गया। उनके निधन की सूचना के बाद उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

घर में अकेले थे विक्रम कोठारी, लखनऊ गए हुए थे पत्नी व बेटा
विक्रम कोठारी पत्नी साधना और बेटे राहुल कोठारी के साथ परिवार के साथ कानपुर के तिलक नगर स्थित बंगले में रह रहे थे। मंगलवार को वह घर में अकेले थे। पत्नी और बेटा लखनऊ गए हुए थे। सुबह नौकरों ने उन्हें अचेत पाया तो डॉक्टर को घर बुलवाया। डॉक्टर के पहुंचने से पहले हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई। बताया गया है कि बीते मार्च महीने में ब्रेन हैमरेज होने पर भी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कानपुर से एयर एंबुलेंस से उन्हें लखनऊ शिफ्ट किया गया था, जहां अपोलो अस्पताल में उन्हें आइसीयू में रखा गया था। उस समय भी वह घर में गिरकर अचेत हो गए थे।
1995 में शुरू की थी रोटोमैक कंपनी
पान मसाला का कारोबार करने वाले विक्रम कोठारी ने रोटेमैक पेन लॉन्च करके कंपनी की शुरुआत की थी। उनका नाम बड़े कारोबारियों में शुमार था। वह इंपोर्ट एक्सपोर्ट के कारोबार से भी जुड़े हुए थे और 1999 में पारिवारिक बंटवारे के बाद पान पराग से अलग हुए थे। वर्ष 1997 में प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्यातक के रूप के अवार्ड से नवाजा गया था। उन्होंने रोटोमैक कंपनी 1995 में शुरू की थी और अगले 10 वर्ष में कंपनी 100 करोड़ की हो गई थी। विक्रम कोठारी इसे 20 हजार करोड़ की कंपनी बनाना चाहते थे।












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