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प्रियंका गांधी का रोड शो: कांग्रेसी और भाजपाइयों दोनों के खिलाफ केस

कानपुर। यूपी के कानपुर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के रोड शो के दौरान जमकर आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई गयीं। इसमें स्टेटिक मजिस्टेट और पुलिस ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को आरोपी बनाया है। वहीं चुनाव आयोग की सी विजिल एप के जरिये आम जनता भी अब तक आचार संहिता उल्लघॅन की तीस शिकायतें दर्ज करा चुकी है।

आचार संहिता उल्लंघन

आचार संहिता उल्लंघन

अगर खुद को वीवीआईपी और स्टार प्रचारक समझकर कानपुर में चुनाव प्रचार करने आ रहे हैं तो जरा सम्भल करें। यहां की जनता और मजिस्टेट मिलकर हर हरकत पर पैनी निगाहें रखे हुए हैं। चुनाव आयोग ने आम जनता को सी विजिल एप का अस्त्र दे दिया है। इसके जरिये जनता आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की शिकायत कर रही है और सबूत के तौर पर वीडियो और फोटो पोस्ट कर रही है। अभी कानपुर वालों ने तीस शिकायतें दर्ज करायी हैं जिसमें 18 प्रचार सामग्रियों को लेकर हैं।

रोड शो में प्रचार

रोड शो में प्रचार

उधर 19 अप्रैल को कानपुर में हुआ प्रियंका गांधी का रोड शो भी प्रचार सामग्रियों को लेकर मुकदमों के फेर में फॅस गया है। पुलिस ने कांग्रेस प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल और उनके बेटे सिद्धार्थ के खिलाफ कुल तीन मुकदमें दर्ज किये हैं। ये मामले सरकारी इमारतों, सार्वजनिक पार्को और बिजली के खम्भों पर रोड शो की प्रचार सामग्री लगाने को लेकर है तो स्टैटिक मजिस्टेट ने भी रोड शो के लिये मानक से अधिक प्रचार सामग्री लगाने का मामला रोड शो आयोजक के खिलाफ दर्ज किया है।

मोदी समर्थकों पर केस

मोदी समर्थकों पर केस

कानपुर पुलिस ने ईमानदारी के काम करते हुए मोदी समर्थकों को भी नहीं बक्शा है। प्रियंका गांधी के रोड शो के दौरान भीड़ में कई युवक घुस आये थे और उन्होने प्रियंका का विरोध करते हुए मोदी मोदी के नारे लगाये थे। नयागंज चैकी प्रभारी ने बीस अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उनकी पहचान वीडियो रिकार्डिंग से की जायगी।

सी विजिल एप की सफलता

सी विजिल एप की सफलता

कानपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी विजय विश्वास पन्त ने कहा है कि आचार संहिता के उल्लंघन की छूट किसी को भी नहीं दी जा रही है। सी विजिल एप को इलेक्शन कण्ट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है। जैसे ही शिकायतें प्राप्त होती हैं जीपीएस के जरिये फ्लाईग स्कावयड दस मिनट में मौके पर पहुंच कर कार्यवाही करता है। शिकायतकर्ता को एक पहचान संख्या दी जा रही है जिससे वो अपनी शिकायत का स्टेट्स पता कर सकता है। कानपुर की जनता कितनी अधिक जागरूक है, इसका अन्दाज इससे लगाया जा सकता है कि अब तक 25 हजार लोग इस मोबाईल एप को डाउनलोड कर चुके हैं।

कानपुर लोकसभा क्षेत्र के बारे में विस्तार से जानिए

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