कानपुर अपहरण कांड: यूपी की कानून-व्यवस्था को लेकर प्रियंका का योगी सरकार पर हमला

कानपुर। कानपुर में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण कांड को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद कांंग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में प्रियंका गांधी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए यूपी की योगी सरकार को निशाने पर लिया है। बता दें, लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का 22 जून को अपहरण हो गया था। परिवारवालों का आरोप है कि पुलिस की नाक के नीचे से बदमाशों ने 30 लाख रुपए की फिरौती ली और फरार हो गए। पुलिस न तो अब तक बदमाशों को पकड़ सकी है, न ही अपहृत संजीत यादव बरामद किया जा सका है।

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    Kanpur Kidnapping Case: प्रियंका गांधी का योगी सरकार पर हमला, ये है कानून-व्यवस्था | वनइंडिया हिंदी
    प्रियंका का योगी सरकार पर निशाना

    प्रियंका का योगी सरकार पर निशाना

    इस मामले में प्रियंका गांधी ने फेसबुक पर लिखा, ''कानपुर में बदमाशों ने एक युवक का अपहरण कर लिया था। अपहरण करने वालों ने परिवार से फिरौती मांगी। परिवार ने मकान और शादी के जेवर बेंचकर 30 लाख रुपए इकट्ठा किए। पुलिस के कहने पर परिजनों ने पैसे से भरा बैग भी अपहरणकर्ताओं के हवाले कर दिया और पुलिस न तो बदमाशों को पकड़ सकी और न ही उनका बेटा छुड़ा सकी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ये उसी कानपुर का मामला है जहां कुछ दिनों पहले इतनी बड़ी घटना घटी थी। अब आप यूपी की कानून व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं।''

    उप्र की भाजपा सरकार की नैतिकता का ही अपहरण हो गया है: अखिलेश

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    इससे पहले यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए योगी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा, ''कानपुर में अपहरण की घटना के बाद बेबस व मजबूर परिजनों द्वारा सूचित करने के बावजूद पुलिस के सामने से फिरौती की रकम ले जाने वालों के ऊपर आखिर किसका हाथ है कि उन्हें पुलिस का भी डर नहीं है। लगता है उप्र की भाजपा सरकार की नैतिकता का ही अपहरण हो गया है।'' बता दें, कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के बर्रा-5 निवासी पान की दुकान चलाने वाले चमन यादव का बेटा संजीत 22 जून को बाइक समेत लापता हो गया था। पीड़ित परिवार ने बर्रा थाने में घटना की जानकारी दी, लेकिन पुलिस उसे तलाश नहीं कर सकी। घटना के तीन दिन बाद पिता के मोबाइल पर बदमाशों ने फोन कर बेटे को छोड़ने के लिए सोमवार तक 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी।

    फिरौती की रकम भी गई, युवक भी नहीं मिला

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    चमन ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने चमन को बरामद करने और बदमाशों को पकड़ने के लिए प्लान तैयार किया। संजीत के परिवार ने घर बेचकर और बेटी रुचि की शादी के लिए जमा की पूंजी और जेवर बेचकर 30 लाख रुपए इकट्ठा किए थे। अपहरणकर्ताओं ने फोन कर उन्हें गुजैनी हाईवे पर बुलाया। रात करीब आठ बजे हाईवे के ऊपर पहुंचने पर बदमाश ने फोनकर उनसे नीचे से गुजर रही रेलवे पटरी पर बैग फेंकने को कहा। पुलिस के इशारा करते ही उन्होंने बैग नीचे फेंक दिया। जब तक पुलिस हाईवे के किनारे से नीचे उतरकर पहुंची, बदमाश रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। यह देख पुलिस हाथ मलती रह गई। पुलिस पीड़ित परिवार के बेटे भी को नहीं छुड़ा पाई।

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