मोदी की कानपुर रैली ने पहले जारी हुआ 'फतवा'

कानपुर के मदरसा अहसान-उल-मदारिस के मुफ्ती हनीफ बरकाती ने मोदी का नाम लिए बिना मुसलमानों को उनकी रैली में न जाने के लिए ताकीद की है। फतवा जारी करते हुए मुफ्ती बरकाती ने कहा कि कोई भी मुसलमान इस रैली में शामिल ना हो।इस फतवे के खिलाफ भी आवाज उठनी शुरु हो गई है। जिसपर बरकाती ने कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने जो कहा वो सब एक इस्लाम के जानकार के तौर पर कहा है।
फतवा जारी करने के सवाल पर मुफ्ती ने कहा कि इसके लिए तहरीर पर सवाल और तहरीर पर ही जवाब होता है। साथ ही मुफ्ती की मुहर भी लगी होती है। वही इस मामले में सुन्नी मसलक के कानपुर के शहर काजी मौलाना आलम रजा नूरी का कहना है कि उनकी इस मसले पर मौलाना हनीफ बरकाती से बात हुई थी। उन्होंने कोई फतवा जारी नहीं किया है। उन्होंने बस पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।
गौरतलब है कि कानपुर प्रशासन ने मोदी को रैली के लिए 19 अक्टूबर का वक्त दिया है। उन्हें फूलबाग मुहैया की गई है। मुस्लिम समुदाय द्वारा जारी किए गए फतवे पर बोलते हुए बीजेपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने मुफ्ती के इस कथित फतवे का विरोध जताया है।












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