जलकलकर्मी पिता की कोविड-19 से हुई मौत, बदहवास हालत में DM के पैरों में गिर पड़ी बेटी
कानपुर। कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के प्रदेश में 4687 नए केस सामने आए है। तो वहीं, उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। दरअसल, यहां जलकलकर्मी पिता की कोरोना वायरस से मौत होने के बाद बदहवास हालत में एक बेटी कानपुर के जिलाधिकारी ब्रह्मदत्त तिवारी के पैरों में गिर पड़ी। यह देख डीएम पीछे हट गए, बेटी रोते हुए डीएम से कह रही थी कि, मैंने आपके आफिस में भी शिकायत की थी। लेकिन कुछ नहीं हुआ।

क्या है पूरा मामला
बता दें कि पनकी निवासी 53 साल के जलकलकर्मी 25 जुलाई से बीमार थे। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत सही न होने पर 31 जुलाई को प्राइवेट पैथोलॉजी से कोरोना जांच कराई। एक अगस्त को संक्रमित होने की जानकारी पर उन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। जलकलकर्मी की बेटी अलका दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक सप्ताह से अस्पताल प्रबंधन उनकी हालत खराब होने की बात कहकर वेंटीलेटर पर रखा था। सुबह तक डॉक्टर हालत ठीक बता रहे थे। लेकिन दोपहर बाद डॉक्टरों ने उनके पिता को मृत घोषित कर दिया।

जीएम को दिया गया VIP ट्रीटमेंट, लेकिन बाकियों का क्या...
मौत की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि, उसे अस्पताल के डॉक्टरों ने पिता को रीजेंसी ले जाने की सलाह दी थी। लेकिन उसके पास इतने पैसे नहीं थे वह प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा सके। बताया कि पिता जलकल विभाग के जीएम के संपर्क में आने से कोरोना संक्रमित हुए थे। जीएम को वीआईपी ट्रीटमेंट किया गया। लेकिन बाकियों को मरने के लिए छोड़ दिया गया।

डीएम के पैरों में गिर पड़ी अलका दुबे
हंगामे की सूचना पाकर जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी, एसीएम-2 अमित राठौर, सीएमओ अनिल कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। उनके साथ चकेरी थाने की फोर्स भी थी। इस दौरान मृतक की बेटी ने डीएम से हाथ जोड़कर कहा कि परिवार में उनकी मां, दो भाई भी संक्रमित हैं और अस्पताल की लापरवाही के चलते पिता की मौत हो गई है। उसने रोते हुए कहा कि साहब आपके ऑफिस में भी सूचना दी पर कुछ नहीं हुआ। इतना कहते हुए वह डीएम के पैरों में गिर पड़ी। उसे पैरों में गिरा देख डीएम भी हाथ जोड़कर उसके आगे खड़े हो गए। बेटी को समझाने का प्रयास करने लगे।

क्या बोले जिलाधिकारी?
डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि जलकल कर्मी की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है और अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसको पर कड़ी कार्रवाई होगी।












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