SDM पर जमीन कब्जा कराने का आरोप लगाकर 36 किसानों ने मांगी इच्छामृत्यु, डीएम ने दिए जांच के आदेश
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हाथीपुर गांव के 36 किसानों ने राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की गुहार लगाई है। इन किसानों का कहना है कि एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी राजनीतिक दबाव में आकर माफिया को ग्राम समाज व सरकारी भवनों पर अवैध कब्जा करा रहे हैं। सरकारी जमीनों पर निजी स्कूल चलाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीएम जमीन पर माफियाओं का कब्जा करवाने के लिए कानून को अपने हाथ में ले रहे है।

भाजपा नेता पर जमीन कब्जाने का आरोप
नर्वल तहसील के सरसौल ब्लॉक के अंर्तगत आने वाले हाथीपुर गांव में ग्राम समाज की जमीन पर धर्मशाला बना हुआ है, जिसे ग्रामीण मिलन केंद्र के नाम पुकारते हैं। इस मिलन केंद में ही ग्रामीण धार्मिक आयोजन करते हैं। आरोप है कि, भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र द्विवेदी के पिता सुषाभ द्विवेदी हाथीपुर गांव के पूर्व प्रधान रह चुके हैं। सुभाष द्विवेदी बारातघर से जुड़ी जमीन में स्कूल चलाते थे। 2015 में इसकी शिकायत ग्रामीणों ने तत्कालीन एसडीएम से की थी। उस वक्त एसडीएम ने इस स्कूल को सीज कर दिया था। भाजपा नेता शैलेंद्र द्विवेदी इस जमीन पर कोर्ट से स्टे ले आए थे।

ग्रामीणों का आक्रोश देख उल्टे पांव लौटे थे एसडीएम
बीते 13 जुलाई 2019 को नर्वल एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी पुलिस फोर्स के साथ कब्जा दिलाने के लिए पहुंचे थे। तभी सभी ग्रामीण एक हो गए और प्रशासनिक अफसरों के भिड़ गए। ग्रामीण केरोसीन डालकर आत्मदाह का प्रयास करने लगे। हालात बिगड़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों को उल्टे पांव वापस लौटना पड़ा था। ग्रामीण अरूण सिंह और इंद्रजीत के मुताबिक बीते चार वर्षो से वे स्थानीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री के ऑफिस तक चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन हमारी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई।

डीएम ने एडीएम एफआर को सौंपी जांच
डीएम विजय विश्वास पंत ने कहा कि, इसमें दो पक्षो के बीच का विवाद है। कुछ न्यायालय के आदेश के अनुपालन के संबध में है। दोनो पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें है। इस प्रकरण को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। इसकी जांच एडीएम एफआर को सौंपी गई है। जल्द ही मौके पर पहुंच कर इसकी जांच करेंगे। दोनों पक्षो के दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा। जब मैं तहसील में था तो मुझे जानकारी हुई थी कि ग्रामीण एसडीएम को हटाने की मांग कर रहे थे।












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