Rajasthan : CRPF कांस्टेबल नरेश जाट की मौत के बाद सामने आई खुद को शूट करने की चौंकाने वाली वजह
जोधपुर में CRPF जवान ने इसलिए मारी थी खुद को गोली
जोधपुर, 11 जुलाई। राजस्थान के जोधपुर में पालड़ी खिंचियान स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कांस्टेबल नरेश जाट ने सोमवार सुबह खुद को शूट कर लिया। ये रविवार शाम से अपनी पत्नी और सात साल की बच्ची को अपने क्वार्टर पर बंधककर 18 घंटे से हवाई फायर कर रहा था। नरेश जाट पाली जिले के गांव राजोला का रहने वाला था।

सीआरपीएफ जवान की मौत की वजह
सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सीआरपीएफ कांस्टेबल नरेश जाट को खुद के हाथों खुद की जान लेने का खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। जोधपुर पुलिस अपनी शुरुआती जांच में सीआरपीएफ जवान नरेश जाट की खुदकुशी की असली वजह का खुलासा नहीं किया है। हालांकि यह बात सामने आई है कि नरेश जाट उच्च अधिकारियों के रवैया से नाराज था।

रविवार को छुट्टी मांगी थी
पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक कांस्टेबल नरेश जाट आरटीसी सीआरपीएफ जोधपुर के आवासीय कॉलोनी में रहता था। उसने रविवार को छुट्टी मांगी थी, लेकिन सीआरपीएफ के डीआईजी ने मना कर दिया था। इससे नाराज होकर नरेश जाट ने साथी सीआरपीएफ जवान का हाथ काट खाया। तब डीआईजी ने उसे घर भेजने की चेतावनी दी थी।

डीआईजी की चेतावनी के बाद बढ़ा गुस्सा
डीआईजी की चेतावनी के बाद नरेश का गुस्सा बढ़ गया था। वह शाम को चौथी मंजिल स्थित अपने आवास पर गया और पत्नी व बेटी के साथ खुद को क्वार्टर में बंद कर लिया। फिर बनियान व पैंट पहने और हाथ में सीआरपीएफ की लाइट मशीन गम व दो तीन मैग्जीन बालकनी में पहुंच गया। वहां हवाई फायर करने शुरू कर दिए।

किसी की बात नहीं मानी
जोधपुर पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़ ने बताया कि नरेश जाट ने करीब आठ दस राउंड फायर किए थे। इस पर पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारियों ने समझाइश के प्रयास किए। मोबाइल पर उसके पिता, दोस्तों व साथी जवानों से बात भी करवाई। वह फिर भी नहीं माना। उसकी मांग पर सीआरपीएफ आईजी भी मौके पर पहुंचे। उससे मोबाइल पर बात भी की। सोमवार सुबह उसने खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी मौत हो गई।

समस्या क्या थी यह जांच का विषय
जोधपुर पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़ ने बताया कि अधिकारियों ने उसे आश्वासन दिया था कि परिवार या कार्यालय में उसकी जो भी समस्या है उसका समाधान निकाला जाएगा। समस्या क्या थी यह जांच का विषय है। आईजी से उसकी मोबाइल पर कई बार बात करवाई थी। आईजी मौके पर भी पहुंचे थे, मगर नीचे खड़े थे। चौथी मंजिल पर नहीं गए थे।












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